मंदसौर। अफीम उत्पादक किसानों की समस्याओं और आगामी अफीम नीति को किसान हितैषी बनाने की मांग को लेकर अफीम उत्पादक संघर्ष समिति के एक शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने ग्वालियर में केंद्रीय नारकोटिक्स आयुक्त दिनेश बौद्ध से मुलाकात की। मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसान प्रतिनिधियों के इस संयुक्त शिष्टमंडल ने अफीम खेती से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों और कानूनी पेचीदगियों को आयुक्त के समक्ष रखा।
केंद्रीय नारकोटिक्स आयुक्त दिनेश बौद्ध ने समिति की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
वर्ष 1997 से अब तक जिन किसानों के अफीम पट्टे निरस्त या काट दिए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत बहाल किया जाए।
अफीम में मॉर्फिन प्रतिशत की कड़ी अनिवार्यता को कम और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि मौसम की मार झेल रहे किसानों का नुकसान न हो।
बढ़ती महंगाई और अफीम खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए सरकारी खरीद मूल्य में उचित बढ़ोतरी की जाए।
NDPS एक्ट की धारा 8 और 29 के प्रावधानों में संशोधन किया जाए, ताकि किसी भी निर्दोष किसान को झूठे मुकदमों या प्रशासनिक कार्रवाई में न परेशान होना पड़े।
इस महत्वपूर्ण बैठक में बंशीलाल धाकड़, नरसिंह डांगी, मांगीलाल मालवीय, भरत कुमार टेलर, भंवरलाल, राकेश डांगी, गोपाल डांगी, मांगीलाल मीणा, कारूलाल और कैलाश मीणा समेत किसान मौजूद रहे।
पिपल्या जोधा सुरेश डांगी