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आगर-मालवा। शासन द्वारा प्रदेश में “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” योजना 17 सितंबर 2026 से प्रारंभ की जा रही है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए MPSedC द्वारा MP e-Seva, SAARA एवं SAMPADA मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किए गए हैं। योजना के तहत आगर-मालवा जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया है। अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन के लिए भू-खंड धारियों की आधार ई-केवाईसी एवं समग्र ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूर्ण होना अनिवार्य है। इसकी तहसीलदार स्तर पर प्रतिदिन ग्रामवार तथा अनुविभागीय अधिकारी द्वारा सप्ताह में एक बार समीक्षा की जाएगी। 19 गांवों के 2,135 निजी प्लॉट चिन्हित प्रथम चरण में चयनित 10 ग्राम पंचायतों के 19 ग्रामों में 2,135 निजी प्लॉट के अधिकार अभिलेखों का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक सप्ताह तीन दिवसीय शिविर ग्राम पंचायत स्तर पर लगाए जाएंगे। शिवगढ़ एवं महुडिया क्लस्टर में प्रत्येक सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार को शिविर आयोजित होंगे। शिविरों में इंटरनेट/वाई-फाई, विद्युत, पेयजल सहित आवश्यक सुविधाएं ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। सर्वे के अनुसार तहसीलवार आगर में 374, बड़ौद में 663, सुसनेर में 493, नलखेड़ा में 357 तथा सोयतकलां में 248 निजी प्लॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 335 प्लॉट निपानिया हनुमान में तथा सबसे कम 10 प्लॉट त्रिलोकपुरा में चिन्हित हुए हैं। योजना के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण के लिए जिला स्तर पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री अर्पिता राय को निरीक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। अधिकारियों को ग्राम सभाओं के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा निर्धारित समय-सीमा में HSM पोर्टल पर संबंधित अधिकारियों की ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। |