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चीताखेड़ा । जिनशासन के पर्वो में सर्वोत्तम पर्व 8 दिवसीय पर्युषण आध्यात्मिक पर्व की शुरुआत कल दिवस 8 सितंबर 2026 मंगलवार से अहिंसा परमो धर्म की भावनाओं के साथ शुरुआत हो रही है। आध्यात्मिक पर्व के अवसर पर भक्ति, पूजा, मंगलदीप व आरती के आयोजन प्रतिदिन होंगे, जिसमें जैन अनुयाई बढ़-चढ़कर सहभागी बनेंगे। पर्युषण पर्व हमारे मन की शुद्धता का, अहिंसा के मार्ग पर चलने का, राग द्वेष मिटाने का, धर्म के मार्ग पर चलने का आध्यात्मिक पर्यूषण पर्व है। उपरोक्त जानकारी श्री चंद्र प्रभ स्वामी जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट अध्यक्ष सुनील कुमार सगरावत व जैन समाज अध्यक्ष अशोक चपलोत जैन ने बताया है कि हर वर्ष की भांति इस बार भी श्री चंद्र प्रभ बड़ा जिनालय एवं श्री मुनीसुव्रत स्वामी जिनालय पर जैन अनुयायियों द्वारा आठ दिवसीय पर्यूषण पर्व धार्मिक भावना के साथ मनाया जाएगा। क्षमा, त्याग, भक्ति और तपस्या से भी अपने जीवन को धन्य बनाएंगे। जिनालय में प्रतिदिन आध्यात्मिक पर्यूषण पर्व के अवसर पर आज मंगलवार से प्रतिदिन प्रतिक्रमण, पक्षाल पूजा, केसर पूजा, स्नात्र पूजा, आरती, नवपद पूजा, रात्रि प्रभु भक्ति होगी। पर्युषण पर्व पावन पवित्र आध्यात्मिक पर्व के अवसर पर प्रतिदिन प्रभु की दिव्य प्रतिमा का आकर्षक (श्रृंगार )अंग रचना की जाएगी।आज प्रथम दिन मंगलवार को जैन श्रावक श्राविकाओं द्वारा बढ़-चढ़कर भक्ति भाव से तल्लीन हो जाएंगे। इस मौके पर प्रभु के जिनालय एवं आराधना भवन को फूल पन्नियों एवं रंग-बिरंगे विद्युत बल्बों से विद्युत सज्जावट से सजाया गया है। श्री सगरावत व श्री चपलोत ने बताया कि सरल स्वभावी विदुषी परम् पूज्या साध्वी धृति पूर्णा श्रीजी म.सा.व मातृ ह्रदया वात्सल्य मूर्ति साध्वी श्री अभय पूर्णा श्री जी म.सा.आदी ठाणा 2 की पावन निश्रा में पर्युषण पर्व में प्रार्थना,जाप, त्याग, तपस्या,कल्पसुत्र वाचन एवं प्रतिदिन प्रतिक्रमण होगा। आठ दिवसीय पर्युषण पर्व के पांचवें दिन 12 सितंबर शनिवार को भगवान श्री महावीर स्वामी का जन्म वाचन होगा इस दौरान भगवान श्री महावीर स्वामी जी के बाल स्वरुप के पालने का बैण्ड बाजों के साथ भव्य वरघोडा निकाला जाएगा। वहीं अंतिम दिन संवत्सरी पर्व को क्षमा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |