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चीताखेड़ा । जीरन -चीताखेड़ा मार्ग पर दलपतपुरा की झील में 11 वीं शताब्दी का अंचल का मिनी हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध सुरम्य वादियों की गोद में विराजित आशुतोष भगवान रामझर महादेव मंदिर पर श्रावण मास के कल तीसरे सावन सोमवार को लगेगा एक दिवसीय विशाल मेला। मेले में हजारों श्रद्धालुओं का उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब। भगवान रामझर महादेव के दिव्य दर्शन एवं मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। जिसकी तैयारियां बड़े ही जोर-शोर से चल रही है। सावन माह में महादेव मंदिर पर जीरन थाना क्षेत्र का सबसे बड़ा मेला लगता है परंतु अभी तक जीरन थाना से सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि को लेकर पुलिस प्रशासन ने मौके पर जायजा तक नहीं लिया। सिर्फ फोन पर चर्चा कर रहे हैं। उपरोक्त जानकारी रामझर महादेव मंदिर व मेला समिति अध्यक्ष केशुराम जाट ने प्रेस विज्ञप्ति में देते हुए बताया है कि रामझर महादेव की दिनों दिन प्रसिद्धि बढ़ती जा रही है। सावन माह में हर साल की तरह इस बार भी अलग-अलग 40 ग्रामों से कांवड़िए कांवड़ लेकर आएगें उनके साथ हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। मेले में अनुमानित 15 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। भगवान रामझर महादेव के दिव्य दर्शन व एक दिवसीय मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए मंदिर व मेला समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। भंडारे में 5 हलवाई और 20 लेबर भंडारे की रसाई बनाने में लगे हुए हैं। श्री जाट ने बताया कि बारिश को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए 30 फीट चौड़ा और 100 फीट लंबा तथा 24 फीट चौड़ा और 100 फीट लंबे अलग-अलग दो स्थाई टीन सेट बनाया गया है और 30 फीट चौड़ा और 30 फीट लंबा तथा 30 फीट चौड़ा और 60 फीट लंबा अलग-अलग दो अस्थाई रूप से पंडाल का निर्माण किया गया है। मंदिर व मेला समिति अध्यक्ष केशुराम जाट ने बताया कि आशुतोष के दिव्य दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मंदिर में विशेष रूप से प्रवेशद्वार और निकासी द्वार बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग व्यवस्था भी अलग बनाई गई है। नदी पर बने घाट पर सुरक्षा दृष्टि को ध्यान में रखते हुए मेले में स्नान करने पर प्रतिबंधित रहेगा। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |