• देश : सैलाना में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस 2 किमी तिरंगा रैली से गूंजा नगर भव्य समारोह के बीच तीन स्थानों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल.....

    JITENDRA KUMAWAT   - रतलाम
    देश
    देश   - रतलाम[15-08-2026]

  • रतलाम / सैलाना। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को सैलाना नगर पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही नगर में उत्साह का माहौल रहा। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर करीब दो किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा रैली निकाली। घंटाघर से शुरू हुई रैली बस स्टैंड, प्रथम चौराहा सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कृषि उपज मंडी समिति सैलाना पहुंची। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा।

    कृषि उपज मंडी परिसर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैलाना जनपद पंचायत अध्यक्ष कैलाशी बाई रामचंद्र चारेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। एसडीएम सुनील जायसवाल, तहसीलदार मनीष जैन, एसडीओपी नीलम बघेल, नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य (लकी) शुक्ला, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज राठौर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी बी. का. वास्के, मंडी सचिव रूमानसिंह भयड़िया, महाविद्यालय प्राचार्य आरपी पाटीदार सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं नगरवासी मौजूद रहे।

    मुख्य समारोह में इस बार विशेष रूप से वंदे मातरम् गान के बाद ध्वजारोहण किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान हुआ और कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन का लाइव प्रसारण भी उपस्थित लोगों को दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विकास, सुशासन, राष्ट्र की एकता और नागरिकों की जिम्मेदारी का संदेश दिया।

    इसके बाद विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। गीत, नृत्य और भाषणों के माध्यम से विद्यार्थियों ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह में सैलाना एसडीएम कार्यालय द्वारा विभिन्न शासकीय विभागों में उत्कृष्ट, निष्ठापूर्वक एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और बोर्ड परीक्षाओं सहित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

    सब जेल सैलाना से निर्भय कुमार यादव, हरविन्द्र सिंह सिसौदिया एवं कपिल परमार, जनपद शिक्षा केंद्र से अतुल विलियम एवं प्रेमसिंह दंडोतिया, विकासखंड साक्षरता मिशन से नरेन्द्र कुमार पासी एवं मथुरालाल पाटीदार, माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर से दिलीप कुमार पाटीदार, कैलाश परमार, संध्या सोलंकी एवं डॉ. दुर्गा राम चौधरी को सम्मानित किया गया।

    इसी प्रकार सांदीपनि शासकीय मॉडल विद्यालय से लक्ष्मी नारायण प्रजापत एवं पदमिनी डोडियार, शासकीय सांदीपनि विद्यालय से दिलीपकुमार जैन एवं सोनम सेंगर, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से रघुनाथ गुर्जर एवं नेहा यादव, कृषि विभाग से शीला वर्मा एवं सोनिया सिसौदिया, पीएचई विभाग से शुभा अर्गल, रंगलाल सोलंकी एवं ब्रजेश सिंगोरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग से ज्योति गोस्वामी, अमिता राठौर एवं अजय सिंह सेंगर, निर्वाचन शाखा से प्रवीण कसेरा तथा थाना सैलाना से शंकर सिंह शक्तावत एवं दिलीप देसाई को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

    कक्षा 10वीं में शासकीय सांदीपनि मॉडल विद्यालय के अखिलेश पाटीदार ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएम श्री एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की सुनीता निनामा ने 93.80 प्रतिशत, शासकीय सांदीपनि विद्यालय की शिवानी राठौर ने 90.40 प्रतिशत, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की गरिमा सोलंकी ने 87.20 प्रतिशत तथा माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर की प्रेमलता गामड़ ने 73.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने-अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

    कक्षा 12वीं में तनिष्का रावल ने वाणिज्य संकाय में 92.80 प्रतिशत, माहेनूर खान ने गणित संकाय में 90 प्रतिशत, किरण भीलवाड़ा ने जीवविज्ञान में 89.80 प्रतिशत, कुसना शाह ने कला संकाय में 88 प्रतिशत तथा लोकेश पाटीदार ने कृषि संकाय में 86.20 प्रतिशत अंक हासिल किए।

    वहीं पीएम श्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की खुशी प्रकाश जाट को हिमाचल प्रदेश में आयोजित ऑल इंडिया ट्रेकिंग कैंप में प्रतिनिधित्व एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान दिया गया।

    जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी
    कार्यक्रम में नगर परिषद पार्षद  मंगलेश कसेरा, जिला संयोजक जनजाति विकास मंच मांगीलाल खराड़ी, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी जनजाति मोर्चा शैतान सिंह पटेल, एल्डरमैन एवं मजदूर संघ जिला अध्यक्ष नाथूलाल राठौड़, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र जायसवाल एवं श्याम धाकड़, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष देवचंद पाटीदार, पूर्व मंडल महामंत्री अंबाराम पाटीदार, पूर्व पार्षद ललित कसेरा, वरिष्ठ पत्रकार संतोष धभाई एवं समस्त पत्रकार गण सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मुनिंद्र दुबे ने किया।

    स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह जहां भव्यता और देशभक्ति के रंग में सराबोर रहा, वहीं इसी दौरान ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर सवाल भी सामने आया। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी और मौके पर दिखाई दी स्थिति के अनुसार सैलाना में दो नहीं बल्कि तीन आयोजनों में ध्वजारोहण की निर्धारित प्रक्रिया को लेकर चूक नजर आई।

    इनमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कृषि उपज मंडी समिति में आयोजित प्रशासन के मुख्य शासकीय समारोह में भी ध्वज की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। यहां बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे। इसके बावजूद ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर किसी का ध्यान नहीं जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

    15 अगस्त और 26 जनवरी के ध्वजारोहण में होता है अंतर
    दरअसल, 15 अगस्त को ध्वजारोहण (Flag Hoisting) की परंपरा होती है। इसमें तिरंगा नीचे से रस्सी के माध्यम से ऊपर ले जाकर फहराया जाता है। यह देश की स्वतंत्रता और ब्रिटिश शासन से मुक्ति का प्रतीक है।

    वहीं 26 जनवरी को ध्वज फहराने/अनफर्लिंग (Flag Unfurling) की परंपरा होती है। इसमें तिरंगा पहले से ही खंभे के ऊपरी हिस्से में बंधा रहता है और उसे खोलकर फहराया जाता है।

    दोनों राष्ट्रीय पर्वों के समारोह की प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण अंतर वर्षों से निर्धारित एवं प्रचलित है।
    मंडी के मुख्य समारोह में भी नजर आई अनदेखी?

    सैलाना के कृषि उपज मंडी परिसर में प्रशासन की मौजूदगी में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण हुआ। कार्यक्रम की तैयारियां व्यापक स्तर पर की गई थीं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया गया कि यदि ध्वज पहले से ही ऊपर बंधा हुआ था तो क्या कार्यक्रम शुरू होने से पहले किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस पर नहीं पड़ी?

    यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि मुख्य समारोह स्वयं प्रशासन की निगरानी में आयोजित हुआ था।

    बस स्टैंड क्षेत्र के दो आयोजनों में भी सामने आई समान स्थिति
    मंडी के अलावा सैलाना बस स्टैंड क्षेत्र में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों में भी तिरंगे की स्थिति को लेकर ऐसी ही चर्चा सामने आई।

    दीनदयाल मार्केट में दीनदयाल प्रतिमा के समीप भाजपा के नेतृत्व में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले झंडा वंदन कार्यक्रम में भी तिरंगा पहले से बंधा दिखाई देने की बात सामने आई। वहीं बस स्टैंड क्षेत्र में कांग्रेस से जुड़े आयोजन में भी ध्वज की स्थिति को लेकर इसी प्रकार की चूक दिखाई देने की बात कही गई।

    इस तरह स्वतंत्रता दिवस के दिन तीन अलग-अलग स्थानों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हुए।

    मामले में सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि बस स्टैंड के दोनों आयोजन राजनीतिक संगठनों से जुड़े थे, लेकिन कृषि उपज मंडी का आयोजन प्रशासनिक स्तर पर आयोजित मुख्य शासकीय समारोह था।

    जब एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद थे तो स्थानीय लोगों का सवाल है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी प्रक्रिया की पहले से जांच क्यों नहीं की गई?

    लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के सम्मान और ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह कोई सामान्य कार्यक्रम नहीं बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बलिदान से जुड़ा राष्ट्रीय पर्व है।

    भव्य आयोजन ने जीता दिल, लेकिन चूक ने खड़े किए सवाल
    सैलाना में स्वतंत्रता दिवस पर निकली दो किलोमीटर की तिरंगा रैली, वंदे मातरम् गान, राष्ट्रगान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लाइव संबोधन, विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रतिभाओं का सम्मान समारोह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

    नगरभर में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष गूंजते रहे। विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और विभिन्न संस्थानों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।

    लेकिन इसी भव्य आयोजन के बीच तीन स्थानों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर सामने आई चूक ने प्रशासनिक तैयारियों और जिम्मेदारों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ध्वजारोहण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन, आयोजन समितियों और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
    अब सवाल यही है कि क्या सैलाना प्रशासन इन तीनों स्थानों पर सामने आई ध्वजारोहण संबंधी चूक को संज्ञान में लेकर इसकी जांच करेगा और भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों पर ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा?

    सैलाना में स्वतंत्रता दिवस का जश्न पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया, लेकिन तिरंगे से जुड़ी इस चूक ने भव्य समारोह के बीच एक अहम सवाल जरूर छोड़ दिया—राष्ट्रीय पर्व की तैयारी जितनी बड़ी थी, क्या तिरंगे के सम्मान और निर्धारित प्रक्रिया को लेकर उतनी ही गंभीरता बरती गई?

    रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत







  • देश : सैलाना में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस 2 किमी तिरंगा रैली से गूंजा नगर भव्य समारोह के बीच तीन स्थानों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल.....

    JITENDRA KUMAWAT   - रतलाम
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    देश   - रतलाम[15-08-2026]


    रतलाम / सैलाना। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को सैलाना नगर पूरी तरह देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही नगर में उत्साह का माहौल रहा। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर करीब दो किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा रैली निकाली। घंटाघर से शुरू हुई रैली बस स्टैंड, प्रथम चौराहा सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कृषि उपज मंडी समिति सैलाना पहुंची। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा।

    कृषि उपज मंडी परिसर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सैलाना जनपद पंचायत अध्यक्ष कैलाशी बाई रामचंद्र चारेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। एसडीएम सुनील जायसवाल, तहसीलदार मनीष जैन, एसडीओपी नीलम बघेल, नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य (लकी) शुक्ला, भाजपा मंडल अध्यक्ष पंकज राठौर, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी बी. का. वास्के, मंडी सचिव रूमानसिंह भयड़िया, महाविद्यालय प्राचार्य आरपी पाटीदार सहित प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी एवं नगरवासी मौजूद रहे।

    मुख्य समारोह में इस बार विशेष रूप से वंदे मातरम् गान के बाद ध्वजारोहण किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगान हुआ और कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन का लाइव प्रसारण भी उपस्थित लोगों को दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विकास, सुशासन, राष्ट्र की एकता और नागरिकों की जिम्मेदारी का संदेश दिया।

    इसके बाद विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। गीत, नृत्य और भाषणों के माध्यम से विद्यार्थियों ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की।

    स्वतंत्रता दिवस समारोह में सैलाना एसडीएम कार्यालय द्वारा विभिन्न शासकीय विभागों में उत्कृष्ट, निष्ठापूर्वक एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और बोर्ड परीक्षाओं सहित विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

    सब जेल सैलाना से निर्भय कुमार यादव, हरविन्द्र सिंह सिसौदिया एवं कपिल परमार, जनपद शिक्षा केंद्र से अतुल विलियम एवं प्रेमसिंह दंडोतिया, विकासखंड साक्षरता मिशन से नरेन्द्र कुमार पासी एवं मथुरालाल पाटीदार, माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर से दिलीप कुमार पाटीदार, कैलाश परमार, संध्या सोलंकी एवं डॉ. दुर्गा राम चौधरी को सम्मानित किया गया।

    इसी प्रकार सांदीपनि शासकीय मॉडल विद्यालय से लक्ष्मी नारायण प्रजापत एवं पदमिनी डोडियार, शासकीय सांदीपनि विद्यालय से दिलीपकुमार जैन एवं सोनम सेंगर, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से रघुनाथ गुर्जर एवं नेहा यादव, कृषि विभाग से शीला वर्मा एवं सोनिया सिसौदिया, पीएचई विभाग से शुभा अर्गल, रंगलाल सोलंकी एवं ब्रजेश सिंगोरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग से ज्योति गोस्वामी, अमिता राठौर एवं अजय सिंह सेंगर, निर्वाचन शाखा से प्रवीण कसेरा तथा थाना सैलाना से शंकर सिंह शक्तावत एवं दिलीप देसाई को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

    कक्षा 10वीं में शासकीय सांदीपनि मॉडल विद्यालय के अखिलेश पाटीदार ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएम श्री एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की सुनीता निनामा ने 93.80 प्रतिशत, शासकीय सांदीपनि विद्यालय की शिवानी राठौर ने 90.40 प्रतिशत, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की गरिमा सोलंकी ने 87.20 प्रतिशत तथा माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर की प्रेमलता गामड़ ने 73.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने-अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

    कक्षा 12वीं में तनिष्का रावल ने वाणिज्य संकाय में 92.80 प्रतिशत, माहेनूर खान ने गणित संकाय में 90 प्रतिशत, किरण भीलवाड़ा ने जीवविज्ञान में 89.80 प्रतिशत, कुसना शाह ने कला संकाय में 88 प्रतिशत तथा लोकेश पाटीदार ने कृषि संकाय में 86.20 प्रतिशत अंक हासिल किए।

    वहीं पीएम श्री कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की खुशी प्रकाश जाट को हिमाचल प्रदेश में आयोजित ऑल इंडिया ट्रेकिंग कैंप में प्रतिनिधित्व एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष सम्मान दिया गया।

    जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी
    कार्यक्रम में नगर परिषद पार्षद  मंगलेश कसेरा, जिला संयोजक जनजाति विकास मंच मांगीलाल खराड़ी, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी जनजाति मोर्चा शैतान सिंह पटेल, एल्डरमैन एवं मजदूर संघ जिला अध्यक्ष नाथूलाल राठौड़, पूर्व मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र जायसवाल एवं श्याम धाकड़, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष देवचंद पाटीदार, पूर्व मंडल महामंत्री अंबाराम पाटीदार, पूर्व पार्षद ललित कसेरा, वरिष्ठ पत्रकार संतोष धभाई एवं समस्त पत्रकार गण सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मुनिंद्र दुबे ने किया।

    स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह जहां भव्यता और देशभक्ति के रंग में सराबोर रहा, वहीं इसी दौरान ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर सवाल भी सामने आया। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी और मौके पर दिखाई दी स्थिति के अनुसार सैलाना में दो नहीं बल्कि तीन आयोजनों में ध्वजारोहण की निर्धारित प्रक्रिया को लेकर चूक नजर आई।

    इनमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कृषि उपज मंडी समिति में आयोजित प्रशासन के मुख्य शासकीय समारोह में भी ध्वज की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए हैं। यहां बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे। इसके बावजूद ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर किसी का ध्यान नहीं जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

    15 अगस्त और 26 जनवरी के ध्वजारोहण में होता है अंतर
    दरअसल, 15 अगस्त को ध्वजारोहण (Flag Hoisting) की परंपरा होती है। इसमें तिरंगा नीचे से रस्सी के माध्यम से ऊपर ले जाकर फहराया जाता है। यह देश की स्वतंत्रता और ब्रिटिश शासन से मुक्ति का प्रतीक है।

    वहीं 26 जनवरी को ध्वज फहराने/अनफर्लिंग (Flag Unfurling) की परंपरा होती है। इसमें तिरंगा पहले से ही खंभे के ऊपरी हिस्से में बंधा रहता है और उसे खोलकर फहराया जाता है।

    दोनों राष्ट्रीय पर्वों के समारोह की प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण अंतर वर्षों से निर्धारित एवं प्रचलित है।
    मंडी के मुख्य समारोह में भी नजर आई अनदेखी?

    सैलाना के कृषि उपज मंडी परिसर में प्रशासन की मौजूदगी में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण हुआ। कार्यक्रम की तैयारियां व्यापक स्तर पर की गई थीं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया गया कि यदि ध्वज पहले से ही ऊपर बंधा हुआ था तो क्या कार्यक्रम शुरू होने से पहले किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर इस पर नहीं पड़ी?

    यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि मुख्य समारोह स्वयं प्रशासन की निगरानी में आयोजित हुआ था।

    बस स्टैंड क्षेत्र के दो आयोजनों में भी सामने आई समान स्थिति
    मंडी के अलावा सैलाना बस स्टैंड क्षेत्र में आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों में भी तिरंगे की स्थिति को लेकर ऐसी ही चर्चा सामने आई।

    दीनदयाल मार्केट में दीनदयाल प्रतिमा के समीप भाजपा के नेतृत्व में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले झंडा वंदन कार्यक्रम में भी तिरंगा पहले से बंधा दिखाई देने की बात सामने आई। वहीं बस स्टैंड क्षेत्र में कांग्रेस से जुड़े आयोजन में भी ध्वज की स्थिति को लेकर इसी प्रकार की चूक दिखाई देने की बात कही गई।

    इस तरह स्वतंत्रता दिवस के दिन तीन अलग-अलग स्थानों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हुए।

    मामले में सबसे अधिक चर्चा इस बात की है कि बस स्टैंड के दोनों आयोजन राजनीतिक संगठनों से जुड़े थे, लेकिन कृषि उपज मंडी का आयोजन प्रशासनिक स्तर पर आयोजित मुख्य शासकीय समारोह था।

    जब एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में मौजूद थे तो स्थानीय लोगों का सवाल है कि राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी प्रक्रिया की पहले से जांच क्यों नहीं की गई?

    लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के सम्मान और ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह कोई सामान्य कार्यक्रम नहीं बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बलिदान से जुड़ा राष्ट्रीय पर्व है।

    भव्य आयोजन ने जीता दिल, लेकिन चूक ने खड़े किए सवाल
    सैलाना में स्वतंत्रता दिवस पर निकली दो किलोमीटर की तिरंगा रैली, वंदे मातरम् गान, राष्ट्रगान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लाइव संबोधन, विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रतिभाओं का सम्मान समारोह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

    नगरभर में भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष गूंजते रहे। विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों और विभिन्न संस्थानों में भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।

    लेकिन इसी भव्य आयोजन के बीच तीन स्थानों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया को लेकर सामने आई चूक ने प्रशासनिक तैयारियों और जिम्मेदारों की सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ध्वजारोहण की निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन, आयोजन समितियों और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
    अब सवाल यही है कि क्या सैलाना प्रशासन इन तीनों स्थानों पर सामने आई ध्वजारोहण संबंधी चूक को संज्ञान में लेकर इसकी जांच करेगा और भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों पर ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा?

    सैलाना में स्वतंत्रता दिवस का जश्न पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया, लेकिन तिरंगे से जुड़ी इस चूक ने भव्य समारोह के बीच एक अहम सवाल जरूर छोड़ दिया—राष्ट्रीय पर्व की तैयारी जितनी बड़ी थी, क्या तिरंगे के सम्मान और निर्धारित प्रक्रिया को लेकर उतनी ही गंभीरता बरती गई?

    रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत