रतलाम। समाज सेवा और मानवता की मिसाल पेश करते हुए काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा विरीयाखेड़ी स्थित वृद्धाश्रम में देहदान का संकल्प लेने वाले वृद्धजनों के सम्मान में भावपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जीवन के अंतिम पड़ाव पर भी इंसान समाज के लिए अमूल्य योगदान दे सकता है। देहदान का संकल्प लेने वाले वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान कर उन्हें समाज का वास्तविक प्रेरणास्रोत बताया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि इनर व्हील क्लब रतलाम की अध्यक्ष वंदना विजय सोनी रहीं। समारोह की शुरुआत रिमझिम बारिश के बीच पौधारोपण से हुई। अतिथियों और वृद्धजनों ने मिलकर पौधे लगाए तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए नगर निगम महापौर परिषद एवं निगम प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे हरित अभियान का समर्थन किया। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी लिया।
स्वागत उद्बोधन में जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य एवं समाजसेवी गोविंद काकानी ने कहा कि देहदान मानव सेवा का सर्वोच्च स्वरूप है। उन्होंने बताया कि वृद्धाश्रम के कई वरिष्ठ नागरिक पहले ही देहदान का संकल्प ले चुके हैं। उन्होंने स्वर्गीय ओमप्रकाश बाबूलाल सोलंकी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके निधन के बाद उनकी देह को पूरे सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया था। इससे मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन और प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण सहयोग मिला तथा समाज में देहदान के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचा।
मुख्य अतिथि वंदना विजय सोनी ने देहदान का संकल्प लेने वाली सुमनलता श्रीवास्तव दापूबाई मोहनलाल रामप्यारी पन्नालाल एवं ओमप्रकाश तिवारी का अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। मेडिकल विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक ज्ञान ऐसे महान दानदाताओं की बदौलत ही प्राप्त होता है। उन्होंने इनर व्हील क्लब द्वारा शिक्षा स्वास्थ्य महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के बाद उन्होंने अपने घर पर तैयार की गई मिठाई सभी वृद्धजनों को प्रेमपूर्वक वितरित कर आत्मीयता का परिचय दिया।
समारोह के दौरान गोविंद काकानी ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं और उनके त्वरित समाधान के प्रयास किए। पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम की आयुषी पालीवाल ने आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम का समापन गायत्री बहन द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। समारोह ने यह संदेश दिया कि देहदान केवल दान नहीं बल्कि मानवता के भविष्य को समर्पित सबसे बड़ा उपहार है जबकि पौधारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखने का संकल्प। दोनों संकल्पों ने इस आयोजन को सेवा संवेदना और सामाजिक जागरूकता का प्रेरणादायी उत्सव बना दिया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत