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नीमच। श्रीमती अंकीता गुप्ता खाड़े, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जिला नीमच के द्वारा अपने निर्णय में घर विवाद के कारण लकड़ी व धोने से मारपीट कर फरियादी का पैर तोड़ने वाले आरोपीगण बाप-बेटे (1) अश्विन पिता भंवरलाल बलाई, उम्र-48 वर्ष एवं (2) आर्यन पिता अश्विन बलाई, उम्र-19 वर्ष, दोनों निवासी-ग्राम चीताखेड़ा, तहसील-जीरन, जिला-नीमच को धारा 325/34 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास व 3000-3000रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओं श्री राजेन्द्र नायक द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 5 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 11.10.2021 की शाम के लगभग 5 बजे ग्राम चीताखेड़ा स्थित मांगरिया गली की हैं। फरियादी संदीप बलाई द्वारा पुलिस सहायता केन्द्र, चीताखेड़ा में देहाती नालसी लेख कराई गई कि वह उसके पुराने घर से नये घर खाना खाने जा रहा था, तभी रास्ते में आरोपी अश्विन घर के बारे में बोलने की बात को लेकर विवाद करते हुवे उसके साथ लकड़ी से मारपीट करने लगा तो फरियादी वहां से भागने लगा। उसी समय वहां उसका लडका़ आर्यन लकड़ी का धोना लेकर आया और दोनो आरोपीयों ने लकड़ी व धोने से उसके साथ मारपीट की, जिस कारण उसका पैर फ्रैक्चर हो गया था। घटनास्थल के आसपास के लोगो द्वारा बीच-बचाव किया था। घटना पर से अपराध पंजीबद्ध कर आवष्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग-पत्र, नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में फरियादी, चश्मदीद साक्षीगण एवं विवेचक सहित सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराते हुवे आरोपीगण को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिस पर से माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण कोे उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया एवं जुर्माने की राषि को आहत को प्रतिकर के रूप में प्रदान किये जाने का आदेश भी प्रदान किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री रोजन्द्र नायक, एडीपीओ द्वारा की गई। |