रतलाम। विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने स्कूल बसों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मिशा सिंह के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लोरे एवं परिवहन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न स्कूलों में संचालित बसों का सघन निरीक्षण किया। अभियान के दौरान बसों की फिटनेस के साथ सुरक्षा उपकरणों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
निरीक्षण के दौरान बसों के परमिट फिटनेस बीमा पीयूसी प्रमाणपत्र आपातकालीन खिड़की एवं दरवाजे व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस प्राथमिक उपचार पेटी अग्निशमन यंत्र फायर अलार्म सिस्टम पैनिक बटन और स्पीड गवर्नर की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने बसों को चलवाकर स्पीड गवर्नर की कार्यप्रणाली भी जांची जिसमें वाहन निर्धारित गति सीमा के अनुरूप संचालित पाए गए। साथ ही अग्निशमन यंत्रों को चलवाकर उनकी उपयोगिता परखी गई तथा वाहन चालकों और अटेंडरों को आपातकालीन स्थिति में उनके सही उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया गया।
जांच के दौरान एक स्कूल बस का परमिट वैध नहीं मिलने पर 5000 रुपये का समझौता शुल्क वसूला गया जबकि तीन बसों के पीयूसी प्रमाणपत्र समाप्त पाए जाने पर 15000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार कुल चार वाहनों से 20000 रुपये की राशि वसूल की गई।
निरीक्षण में एक स्कूल बस का फर्श और छत क्षतिग्रस्त मिली। साथ ही वाहन का केबिन तथा आपातकालीन खिड़की और दरवाजा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। परिवहन विभाग ने संबंधित स्कूल संचालक को वाहन की सभी कमियां दूर कर उसे दोबारा निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
इधर जिला परिवहन विभाग ने जून 2026 के दौरान जिले में अवैध परिवहन और सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया। जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लोरे एवं प्रभारी परिवहन चेक प्वाइंट की संयुक्त कार्रवाई में बिना वैध परमिट बिना फिटनेस बिना बीमा बिना पीयूसी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के अभाव सीट बेल्ट नियमों के उल्लंघन ओवरलोडिंग तथा निर्धारित सीमा से अधिक माल लेकर चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की गई।
पूरे जून माह में 107 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 357000 रुपये का समझौता शुल्क तथा 451539 रुपये का मोटरयान कर वसूल किया गया। इस प्रकार कुल 808539 रुपये शासन के पक्ष में जमा कराए गए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सड़क परिवहन व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूल बसों की नियमित जांच आगे भी जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर जीतेन्द्र कुमावत