रतलाम
महू-नीमच रोड स्थित सेजावता बायपास पर शासकीय भूमि पर बने कथित अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति आयोजित किए जा रहे उर्स एवं कव्वाली कार्यक्रम को लेकर उठे विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 13, 14 और 15 मई 2026 को प्रस्तावित कार्यक्रम निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और इसे हिंदू संगठनों व स्थानीय समाज की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, रतलाम नगर क्षेत्र स्थित पहलवान बाबा दरगाह पर उर्स और कव्वाली के तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। आरोप था कि यह आयोजन शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बने अतिक्रमण स्थल पर किया जा रहा था और इसके लिए प्रशासन से कोई वैध अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई थी। मामले को लेकर हिंदू संगठन एवं समस्त हिंदू समाजजन ने लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन को शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
शिकायत में बताया गया था कि उक्त दरगाह पूर्व में भी प्रशासन द्वारा हटाए गए अतिक्रमण क्षेत्र में दोबारा विस्तार कर बनाई गई है। हाईवे किनारे होने से कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ जमा होने की आशंका थी, जिससे महू-नीमच फोरलेन पर जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता था। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी और प्रस्तावित उर्स-कव्वाली आयोजन निरस्त कर दिया।
हिंदू संगठनों ने इस कार्रवाई पर शासन-प्रशासन, मीडिया और पत्रकारों का आभार व्यक्त किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सभी मीडिया संस्थानों, पत्रकार भाइयों, प्रशासनिक अधिकारियों और समाजजनों के सहयोग से यह संभव हो पाया। उन्होंने इसे शासकीय भूमि की रक्षा और जनसुरक्षा के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया।
मामले के बाद अब प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने की आगे की कार्रवाई पर भी नजरें टिकी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शासकीय भूमि पर हुए स्थायी निर्माण को भी हटाया जाता है, तो हाईवे पर यातायात सुगम होगा और भविष्य में ऐसे विवादों से बचा जा सकेगा। रतलाम में यह मुद्दा अब धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर शासकीय भूमि और कानून व्यवस्था का बड़ा विषय बन गया है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत