रतलाम / जावरा
अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर जावरा के महावीर स्कूल, अरिहंत कॉलोनी में आयोजित भव्य धार्मिक समारोह में जैन संतों ने परिवार, समाज और संगठन की एकता पर गहन प्रवचन देते हुए उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी म.सा., प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म.सा., आगम मर्मज्ञ श्री वैभव मुनि जी म.सा. सहित साध्वी मंडल ने समाज को एकजुट रहने और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी म.सा. ने अपने उद्बोधन में समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जैसे मंथन से अमृत और विष दोनों निकले, अमृत देवताओं ने ग्रहण किया और विष पीकर महादेव पूज्य बने, उसी प्रकार समाज में जो व्यक्ति दूसरों की समस्याओं का समाधान करते हुए सबको साथ लेकर चलता है, वही सच्चे अर्थों में महान बनता है। उन्होंने जावरा के गौरव मालवरत्न ज्योतिषाचार्य उपाध्याय श्री कस्तुरचंद जी म.सा. को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर समाज और परिवार को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया तथा हर व्यक्ति की समस्या का समाधान कर जनकल्याण किया।
प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी म.सा. ने कहा कि जिस परिवार में एकता होती है, वह परिवार सदैव प्रगति करता है। महाभारत का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि पांडवों की एकजुटता ही उनकी विजय का कारण बनी। आज परिवारों में समन्वय, प्रेम और त्याग की आवश्यकता है। वहीं आगम मर्मज्ञ श्री वैभव मुनि जी म.सा. ने आधुनिक समय में मोबाइल के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि लोग परिवार से अधिक समय मोबाइल को दे रहे हैं। यदि प्रतिदिन कुछ समय मोबाइल से दूर रहकर परिवार के साथ बैठा जाए तो रिश्तों में मजबूती और आत्मीयता बढ़ेगी।
महासती डॉ. कुमुदलता जी म.सा. ने कहा कि परिवार मुस्कान, प्रेम और सहयोग का केंद्र है। परिवार में दया, करुणा और सेवा की भावना से ही समाज सशक्त बनता है। उन्होंने मेवाड़ भूषण श्री प्रताप मुनि जी म.सा. के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर ही समाज का उत्थान संभव है।
कार्यक्रम में जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पाण्डेय ने भी सहभागिता करते हुए कहा कि जावरा की भूमि संतों की जन्म, दीक्षा और तपस्थली रही है, इसलिए यह क्षेत्र आध्यात्मिक दृष्टि से तीर्थ समान है। उन्होंने संत समाज को नमन करते हुए कहा कि संतों के आशीर्वाद से समाज में नैतिकता और संस्कारों की धारा प्रवाहित होती है।
समारोह में बड़ी संख्या में जैन समाजजन, महिला मंडल, नवयुवक मंडल और बाहर से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे। स्वागत गीत, प्रवचन, नवकारसी एवं प्रभावना के साथ आयोजन भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन संदीप रांका ने किया।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत