रतलाम/ सरवन
धर्म और आस्था की पावन नगरी बनी बड़ी सरवन में हिन्दू रत्न पूज्य आनंद गिरि जी महाराज की विशेष उपस्थिति एवं निरंजनी अखाड़े के महामण्डलेश्वर परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी जी महाराज (पीठाधीश्वर चार धाम मंदिर, उज्जैन) के श्रीमुख से आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ शनिवार को भव्य कलश यात्रा एवं शोभायात्रा के साथ हुआ। आयोजन की शुरुआत इतनी भव्य रही कि पूरा नगर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व नगर में विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों के साथ शामिल हुईं। शोभायात्रा में बच्चे, युवा, वरिष्ठजन एवं धर्मप्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ।
कथा के प्रथम दिवस श्री श्री 1008 स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी जी महाराज ने “श्रीराम कथा महात्म्य एवं नाम महिमा” का दिव्य वर्णन करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम का नाम ही कलियुग में मानव जीवन का सबसे बड़ा सहारा है। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
रविवार को कथा में “सती प्रसंग एवं शिव-पार्वती विवाह” का दिव्य वर्णन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक लाला मेरिज गार्डन, बड़ी सरवन में आयोजित हो रही है।
इस धार्मिक आयोजन के मुख्य यजमान लालचंद एवं श्रीमती मंजूबाई गुंदालिया हैं। आयोजन को सफल बनाने में गौरव गुंदालिया, विजय गुंदालिया एवं मित्र मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कथा को लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।
रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत