उज्जैन....
मध्य प्रदेश के उज्जैन और नागदा रेलवे स्टेशन के बीच। घटना गुरुवार रात (30 अप्रैल 2026) करीब 11 बजे हुई, जब अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन उज्जैन स्टेशन पहुंची।
बाल कल्याण समिति को सूचना मिली थी कि मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से करीब 100 बच्चों को मजदूरी के लिए गुजरात के अहमदाबाद ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर उज्जैन प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।
उज्जैन स्टेशन पर ट्रेन पहुंचते ही पुलिस, जीआरपी (Government Railway Police), आरपीएफ (Railway Protection Force), बाल कल्याण समिति, श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
ट्रेन में 50 से अधिक बच्चों और उनके साथ यात्रा कर रहे लोगों से पूछताछ की गई।
शुरुआत में 4 बच्चों को संदिग्ध स्थिति में रेस्क्यू किया गया।
ट्रेन उज्जैन से आगे रवाना हो गई, तो सीएसपी दीपिका शिंदे के नेतृत्व में नागदा स्टेशन को अलर्ट कर दिया गया।
नागदा स्टेशन पर ट्रेन को रोका गया और एक घंटे तक सघन तलाशी चली, जिसमें 22 और नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया।
कुल: 26 नाबालिग बच्चे बचाए गए। इनमें से दो बच्चों की उम्र 14 साल से कम बताई गई है।
तस्करी का शक
प्रारंभिक जांच में पुलिस और श्रम विभाग को आशंका है कि बच्चों को मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था। हालांकि, कुछ बच्चे धार्मिक यात्रा या घूमने जाने की बात भी बता रहे हैं।
अभी पुलिस और श्रम विभाग पूरे
नेटवर्क और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों के बयान
सहायक श्रम आयुक्त राखी जोशी ने बताया:
सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई और अब यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को किस उद्देश्य से और किन लोगों द्वारा गुजरात ले जाया जा रहा था। फिलहाल सभी बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में रखा गया है और उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है।
वर्तमान स्थिति
सभी 26 बच्चों को जीआरपी और बाल कल्याण समिति की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।
उनके परिवारों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
अभी तक किसी की गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं है, लेकिन जांच जारी है।
यह ऑपरेशन बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी संवेदनशील और तेजी से किया गया।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत