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भोपाल। भारत सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान के तहत भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने मादक पदार्थों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अपने अनुसंधानकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया। दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ, जिसमें अधिकारियों और विवेचकों को NDPS प्रकरणों में बेहतर अनुसंधान और कानूनी प्रक्रियाओं की गहन जानकारी दी गई। इस विशेष प्रशिक्षण का उद्देश्य मादक पदार्थ तस्करों और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सजा दिलाना और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को शासन की गाइडलाइंस के अनुरूप कार्रवाई करने, साक्ष्य संकलन में सावधानी बरतने और केस को मजबूत बनाने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। एडिशनल कमिश्नर श्रीमती मोनिका शुक्ला ने एंटी ड्रग ऑपरेशन और NDPS मामलों की जांच में जरूरी सावधानियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। वहीं डीआईजी लोकायुक्त श्री मनोज कुमार सिंह ने NDPS केस ट्रायल, साक्ष्य संकलन, गवाहों से जुड़ी सामान्य गलतियों और कोर्ट प्रक्रियाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर श्री शैलेंद्र सिंह चौहान ने ड्रग ट्रैफिकिंग, नशे के दुष्प्रभाव, जागरूकता, डि-एडिक्शन और प्रभावी पुलिस कार्रवाई जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। डीएसपी लोकायुक्त वीरेंद्र सिंह ने NDPS मामलों की जांच, इंटेलिजेंस, सर्च ऑपरेशन, गिरफ्तारी, साक्ष्य, फाइनेंशियल और टेक्निकल जांच सहित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। एफएसएल विशेषज्ञ डॉ. लता त्रिपाठी ने विभिन्न प्रकार के ड्रग्स की पहचान, नई किट्स, सिंथेटिक ड्रग्स और उनके परीक्षण से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्रदान की, जिससे पुलिस अधिकारियों को अनुसंधान में और मजबूती मिलेगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और सफल संचालन में डिप्टी कमिश्नर श्रीमती श्रद्धा तिवारी के मार्गदर्शन में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर श्रीमती नीतू ठाकुर का विशेष योगदान रहा। प्रशिक्षण प्रभारी एएसआई कमलेश मालवीय ने भी आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। रिपोर्ट: वसीम अली |