रतलाम/सैलाना। आदिवासी अंचल में शिक्षा की तस्वीर बदलने और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सैलाना में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। वर्षों से बेहतर अध्ययन सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे विद्यार्थियों और युवाओं को अब ज्ञानार्जन लाइब्रेरी के रूप में एक नया शैक्षणिक केंद्र मिलने जा रहा है। 15वें वित्त आयोग की जिला पंचायत सदस्य निधि से निर्मित इस लाइब्रेरी का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पहल को क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस अवसर पर विकास को लेकर राजनीतिक संदेश भी चर्चा का विषय रहा। आयोजकों ने कहा कि आजादी के बाद लगभग 70–75 वर्षों तक सत्ता में रहे राजनीतिक दल आदिवासी अंचल में शिक्षा की ऐसी बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं कर पाए, जिनकी क्षेत्र के विद्यार्थियों को लंबे समय से आवश्यकता थी। अब जयस समर्पित विचारधारा और भारत आदिवासी पार्टी के जनप्रतिनिधि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए बदलाव की नई पहल कर रहे हैं। ज्ञानार्जन लाइब्रेरी इसी सोच का एक उदाहरण है।
जिला पंचायत के दो वार्डों के जनप्रतिनिधियों के प्रयास से साकार हुआ सपना
लाइब्रेरी के निर्माण में जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 एवं 16 के जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वार्ड क्रमांक 15 के जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं सदस्य केशूराम निनामा तथा वार्ड क्रमांक 16 की जिला पंचायत सदस्य चंपा चंदू मईड़ा के प्रयासों से यह शैक्षणिक सुविधा साकार हुई। इस पहल को विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी सौगात के रूप में देखा जा रहा है।
भव्य शुभारंभ समारोह में जुटे जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक
शुभारंभ कार्यक्रम में सैलाना विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 221 के विधायक कमलेश्वर डोडियार, पूर्व विधायक संगीता विजय चारेल,जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा जनपद पंचायत अध्यक्ष कैलाशी बाई चारेल, जिला जनपद सदस्य चंपा चंदू मईडा जनपद पंचायत सैलाना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुंदर खन्ना सहित जनपद पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सरपंच हेमंत डामोर, सरपंच राजेंद्र बलराम निनामा मईड़ा, भारत आदिवासी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सुनील निनामा, प्रकाश मईड़ा सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एवं भारत आदिवासी पार्टी के रतलाम जिला अध्यक्ष चंदू मईड़ा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अब गांव के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए मिलेगा बेहतर माहौल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही वह सबसे मजबूत माध्यम है, जिसके जरिए समाज की दिशा और दशा बदली जा सकती है। ज्ञानार्जन लाइब्रेरी से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। विशेषकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इसका लाभ मिल सकेगा। यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जिन्हें पढ़ाई के लिए अब तक शहरों की ओर रुख करना पड़ता था।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि की आदिवासी अंचल का भविष्य शिक्षा से ही बदलेगा। ज्ञानार्जन लाइब्रेरी हमारे विद्यार्थियों और युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनेगी। वर्षों तक क्षेत्र में शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं की उपेक्षा हुई, लेकिन अब हमारा प्रयास है कि गांव का गरीब और आदिवासी बच्चा भी बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ाई करे और डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी बने। हमारा लक्ष्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के माध्यम से समाज की तस्वीर बदलना है। यह शुरुआत है, आने वाले समय में सैलाना क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जाएंगे।
पुर्व विधायक संगीता विजय चारेल ने कहा कि ज्ञानार्जन लाइब्रेरी सैलाना क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक सराहनीय सौगात है। शिक्षा ही समाज में वास्तविक बदलाव का सबसे बड़ा माध्यम है। इस तरह की पहल से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। हमारी शुभकामनाएं हैं कि यहां से पढ़कर बच्चे उच्च पदों पर पहुंचें और क्षेत्र का नाम रोशन करें।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने कहा कि ज्ञानार्जन लाइब्रेरी का निर्माण क्षेत्र के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हमारा प्रयास है कि ग्रामीण और आदिवासी अंचल के युवाओं को पढ़ाई एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही मिलें। शिक्षा के माध्यम से ही समाज आगे बढ़ेगा और हमारी यह पहल युवाओं के सपनों को साकार करने में मददगार बनेगी।
जनपद पंचायत सैलाना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुंदर खन्ना ने कहा कि ज्ञानार्जन लाइब्रेरी विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो। इस तरह के विकास कार्य युवाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान करते हैं।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि एवं भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष चंदू मईड़ा ने कहा कि विकास का वास्तविक अर्थ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है। आदिवासी समाज के बच्चों और युवाओं का भविष्य शिक्षा के माध्यम से ही मजबूत बनाया जा सकता है। भारत आदिवासी पार्टी का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में ठोस काम करके समाज को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानार्जन लाइब्रेरी क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक नई उम्मीद है। यह तो केवल शुरुआत है। सैलाना विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा और विकास के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है। हमारा प्रयास रहेगा कि आने वाली पीढ़ी को ऐसी सुविधाएं मिलें, जिससे वे पढ़-लिखकर उच्च पदों तक पहुंचे और अपने समाज तथा क्षेत्र का नाम रोशन करें।
लाइब्रेरी बनेगी, युवा पढ़ेंगे, अधिकारी बनेंगे और समाज आगे बढ़ेगा। यही संदेश ज्ञानार्जन लाइब्रेरी के शुभारंभ के साथ क्षेत्र के युवाओं को दिया गया। अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से कितनी उपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराती है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत