रतलाम/सरवन। सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम उण्डेर में करीब 65 बीघा जमीन पर गांजे की अवैध खेती के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। खेतों में गांजे की खेती का खुलासा होने के बाद से फरार चल रहे तीन आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राजस्थान के बांसवाड़ा की ओर भागने की फिराक में थे, लेकिन सरवन पुलिस के सूचना तंत्र और मुस्तैदी के चलते पुलिस की घेराबंदी में फंस गए। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में नामजद चारों आरोपियों की गिरफ्तारी पूरी हो गई है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर एक दिन का रिमांड लिया गया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
2,948 पौधे और 724 किलो गांजा मिलने से मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि 30 सितंबर 2026 को आईपीएस एसडीओपी सैलाना लेखराज मीणा के निर्देशन में सरवन पुलिस ने ग्राम उण्डेर में गांजे की अवैध खेती के खिलाफ रातभर बड़ा ऑपरेशन चलाया था। कार्रवाई के दौरान करीब 65 बीघा क्षेत्र में फैली अवैध खेती से गांजे के 2,948 पौधे बरामद किए गए थे। जब्त गांजे का वजन करीब 724 किलोग्राम बताया गया था। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की खेती सामने आने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी।
राजस्व रिकॉर्ड और पटवारी की रिपोर्ट से खुली पहचान
प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान आरोपियों की पहचान सामने नहीं आई थी। बाद में राजस्व रिकॉर्ड और पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गांजे की अवैध खेती से जुड़े चार आरोपियों की पहचान की। इनमें अनिल पिता बसंत निनामा, किशन पिता शांतिलाल निनामा, कालू पिता हूरसिंह और मगन पिता लालू निनामा, सभी निवासी ग्राम उण्डेर, के नाम सामने आए।
पुलिस ने पहले अनिल पिता बसंत निनामा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था वहीं, किशन पिता शांतिलाल निनामा, कालू पिता हूरसिंह और मगन पिता लालू निनामा, सभी निवासी ग्राम उण्डेर, फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी थी।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, राजस्थान भागने से पहले दबोचे
फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी राजस्थान के बांसवाड़ा की ओर भागने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही सरवन थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए श्यामपुरा और मुख्य बांसवाड़ा रोड क्षेत्र में घेराबंदी की। पुलिस की सतर्कता के चलते तीनों आरोपी भागने में सफल नहीं हो सके और उन्हें पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस ने एक दिन का रिमांड प्राप्त कर आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद तीनों को जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के साथ ही गांजे की अवैध खेती के मामले में चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
अब FSL रिपोर्ट के बाद न्यायालय में पेश होगा चालान
सरवन थाना प्रभारी राजशेखर वर्मा ने बताया की मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत जब्त गांजे के नमूने फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) में जांच के लिए भेजे जाएंगे। एफएसएल की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पुलिस आवश्यक दस्तावेजों और साक्ष्यों को संकलित कर न्यायालय में चालान यानी अभियोग पत्र प्रस्तुत करेगी। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पेंड्रो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और आईपीएस एसडीओपी सैलाना लेखराज मीणा के मार्गदर्शन में की गई। फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सरवन थाना प्रभारी राजशेखर वर्मा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
65 बीघा में फैली गांजे की अवैध खेती से लेकर चारों आरोपियों की गिरफ्तारी तक की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस इस मामले में लगातार जांच और वैधानिक कार्रवाई कर रही है। अब एफएसएल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में चालान पेश करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत