रतलाम। शहर के सेजावता बायपास रेलवे फाटक पर गुरुवार रात एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रेलवे ट्रैक पर फंसी एक कार को तेज रफ्तार से आ रही वलसाड-हिसार स्पेशल ट्रेन ने टक्कर मार दी। कार में सवार चार युवकों ने ऐन वक्त पर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। जरा-सी देर और चूक का परिणाम बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ।
फाटक पार करते समय ट्रैक पर फंसी कार
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजे सेजावता बायपास रेलवे फाटक पर गुजरात नंबर की एमजी हेक्टर कार (GJ 15 CK 0369) रेलवे ट्रैक पार कर रही थी। इसी दौरान कार ट्रैक के बीच फंस गई और सामने से वलसाड-हिसार स्पेशल हॉलिडे ट्रेन (गाड़ी संख्या 04728) आ पहुंची। हालात की गंभीरता को भांपते हुए कार में सवार चारों युवक तुरंत वाहन से बाहर निकल गए। इसके कुछ ही देर बाद ट्रेन ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण कार क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन युवकों के समय रहते बाहर निकलने से जनहानि नहीं हुई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
गेटमैन की भूमिका पर सवाल, नशे में होने का भी दावा
प्रारंभिक जानकारी और सामने आए दावों के अनुसार, घटना के समय रेलवे फाटक बंद नहीं था। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा है कि जब ट्रेन आने वाली थी, तब फाटक पर सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए? कुछ सूत्रों ने ड्यूटी पर तैनात गेटमैन के शराब के नशे में होने का दावा भी किया है। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यदि जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही या नशे में होने की पुष्टि होती है, तो यह रेलवे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला होगा। फिलहाल रेलवे अधिकारियों की जांच से ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
रेल यातायात प्रभावित, दूसरी ट्रेन भी रही अटकी
कार और ट्रेन की टक्कर के बाद रेल परिचालन पर भी असर पड़ा। इस दौरान यात्री ट्रेन संख्या 19712 भी ट्रैक पर रुकी रही। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रात करीब 11:40 बजे इस ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। रेलवे की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त कार को ट्रैक से हटाने का काम शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद वाहन को हटाया जा सका, जिसके बाद रेल संचालन सामान्य करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
डीआरएम ने दिए जांच के निर्देश
घटना की गंभीरता को देखते हुए मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि फाटक बंद क्यों नहीं किया गया, कार ट्रैक पर कैसे फंसी और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की भूमिका क्या रही।
सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
सेजावता बायपास की घटना केवल एक कार के क्षतिग्रस्त होने तक सीमित नहीं है। यह रेलवे क्रॉसिंग पर सतर्कता, निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के पालन और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है। गनीमत रही कि कार सवार चारों युवक सुरक्षित बाहर निकल आए। यदि वे समय रहते वाहन से बाहर नहीं निकलते, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते थे।
अब सभी की निगाहें रेलवे की जांच पर टिकी हैं। जांच में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी होगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत