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सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी आगर-मालवा : विकासखण्ड नलखेड़ा के ग्राम पिलवास निवासी कृषक श्री नितेश पाटीदार वर्षों से सोयाबीन की खेती करते आ रहे थे, लेकिन परंपरागत विधि से लागत अधिक और उत्पादन कम मिल रहा था। कृषि विभाग, नलखेड़ा के कृषि विस्तार अधिकारी ने उन्हें रेज्ड बेड तकनीक से बुवाई की सलाह दी और इसी तकनीक से सोयाबीन किस्म JS 2210 का प्रदर्शन उनके खेत पर लगवाया । उप संचालक, कृषि श्री गोपेश पाठक ने बताया कि उन्होंने जब फसल का निरीक्षण किया , तो फसल की स्थिति अत्यंत अच्छी पाई गई। श्री पाटीदार बताते हैं कि रेज्ड बेड विधि से बुवाई करने से पौधों को सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में मिला, फलन एक समान हुआ और बीज दर भी कम लगी। वर्तमान में फसल दाना भरने की अवस्था में है और फली की संख्या देखकर इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 1.5 से 2 गुना अधिक उत्पादन की संभावना है। इस विधि से अंतर-सस्य क्रियाएं आसान हुई हैं तथा कम और अधिक वर्षा दोनों ही परिस्थितियों में फसल सुरक्षित रही है, साथ ही कीट-रोग का प्रकोप भी कम देखा गया है। आज श्री नितेश पाटीदार की सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है। वे अन्य कृषकों से भी इसी उन्नत तकनीक को अपनाने की अपील कर रहे हैं। श्री पाटीदार कहते हैं कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन से उन्हें नई तकनीक सीखने को मिली और अब वे हर वर्ष निश्चित क्षेत्र में उन्नत तकनीक से ही बुवाई करेंगे। इस सहयोग के लिए उन्होंने प्रदेश शासन कृषि विभाग का आभार व्यक्त किया है। |