रतलाम (क्राइम डेस्क)।
जिला रतलाम के थाना सरवन क्षेत्र में एक ऐसा दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गांव बोरदा में एक व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस ने मात्र 72 घंटे के अंदर पूरे प्रकरण का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
श्रीमान पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पेंड्रो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के कुशल और सख्त मार्गदर्शन में यह कार्रवाई हुई।
घटना कैसे हुई?
2 सितंबर 2026 को थाना सरवन चौकी बेंडडा अंतर्गत गांव बोरदा में एक व्यक्ति की हत्या की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मृतक की पहचान भीमा के रूप में की। थाना सरवन में अपराध क्रमांक 323/26 धारा 103(1) बीएनएस का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पता चला कि मृतक की पत्नी ललीता घटना के दिन से फरार है। पुलिस ने लगातार दो दिन की सघन पतासाजी के बाद उसे गांव गुडभैली के एक खेत से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
हत्या की पूरी साजिश (आरोपिणी के बयान पर आधारित)
गिरफ्तारी के बाद ललीता ने चौंकाने वाला खुलासा किया। करीब एक महीने पहले उसके और राकेश के बीच चल रहे अवैध प्रेम संबंधों की जानकारी पति भीमा को हो गई थी। दोनों डर गए और भीमा को खत्म करने की योजना राखी से पहले ही बना ली।
पहले जंगल में ले जाकर हत्या करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली। आखिरकार घर पर ही योजना अमल में लाई गई। सोए हुए भीमा पर पत्नी ललीता ने कुल्हाड़ी से जानलेवा वार किया। राकेश ने उसके पैर कसकर पकड़ रखे थे, जबकि तीसरा आरोपी भूरा बाहर निगरानी कर रहा था कि कोई व्यक्ति आकर देख न ले।
हत्या के बाद लाश को बकरी बांधने वाले घर में डाल दिया गया। खून के निशान मिटाने के लिए घर में गोबर से दोबारा लीपाई कर दी गई। रात करीब 11 बजे राकेश और भूरा वापस आए, लाश को घर से बाहर निकालकर पास के नाले में फेंक दिया।
जब्त माल
प्रकरण में मृतक का चांदी का कड़ा, सोने की बाली, चांदी की पैर की कड़ियां, एयरटेल की सिम, घटना के दौरान आरोपियों द्वारा पहने गए कपड़े तथा दो आरोपियों के दो एंड्रॉयड मोबाइल समेत कुल करीब दो लाख रुपये का मश्रूका जब्त किया गया है।
पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले में थाना प्रभारी रावटी उपुअ. सुरेंद्र गाडरिया, थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, उपनिरीक्षक जगदीश तोमर, उपनिरीक्षक गेंदालाल भूरिया, सहायक उपनिरीक्षक सोभान सिंगाड, प्रआर. हिम्मतसिंह, प्रआर. मुकेश, प्रआर. गजेंद्रसिंह, प्रआर. विजय, प्रआर. विमल, आर. गजपाल, आर. नितेश, मआर. तुलसी राठौर सहित थाना स्टाफ और साइबर टीम का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई जारी है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत