रतलाम। काटजू नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और जीवन प्रसंगों पर आधारित नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे विद्यालय परिसर को कृष्णमय कर दिया। कार्यक्रम में बच्चों की अद्भुत प्रस्तुति देखकर अतिथियों और अभिभावकों ने जमकर सराहना की।
कार्यक्रम में सरस्वती शिशु शिक्षा समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सखलेचा, उपाध्यक्ष सुनील लाठी एवं श्रीमती दीपाली भाटी, सचिव शैलेंद्र सुरेका तथा वरिष्ठ सदस्य जवाहर चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
महोत्सव के दौरान नन्हे कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी बाल लीलाओं और मित्रता के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर दिया। श्रीकृष्ण जन्म, वसुदेव जी द्वारा बाल कृष्ण को यशोदा मैया के पास पहुंचाना, माखन चोरी, कृष्ण-सुदामा की पाठशाला, गोपियों संग रास तथा कृष्ण-सुदामा मिलन जैसे प्रसंगों का बच्चों ने भावपूर्ण एवं आकर्षक मंचन किया।
कहीं बाल कृष्ण की चंचलता नजर आई तो कहीं सुदामा-कृष्ण की मित्रता ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। बच्चों की मासूम अदाओं, आकर्षक वेशभूषा और शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यालय परिसर में जय श्रीकृष्ण के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर समिति परिवार एवं विद्यालय परिवार द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत आरती की गई। इस दौरान विद्यालय में श्रद्धा और उल्लास का विशेष वातावरण देखने को मिला।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य श्रीमती वत्सला रूनवाल, शिशु वाटिका प्रमुख श्रीमती मीना शर्मा सहित सभी आचार्य-दीदी एवं भैया-बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पूरे आयोजन ने भारतीय संस्कृति, संस्कार और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेश को बच्चों एवं उपस्थित जनसमुदाय तक पहुंचाने का सुंदर संदेश दिया।