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चीताखेड़ा । इस साल का रक्षाबंधन का त्योहार महंगाई के भारी असर के बीच मनाया जा रहा है। रोजाना उपयोग में आने वाली घरेलू चीजों और पूजन सामग्रियों के दाम लगातार बढने से क्षेत्र की बहनों की चिंता काफी बढ़ गई है। बाजार में महंगाई के कारण इस बार भाइयों का मुंह मीठा कराना और शगुन निभाना काफी खर्चीला साबित हो रहा है। बाजार में शक्कर के दाम बढकर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, वहीं गुड भी 70 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। इसके साथ ही चाय पत्ती की कीमतें बढ़कर तीन सौ से साढे तीन सौ रुपये प्रति किलो हो गई हैं, जबकि मीठा तेल और नारियल के दामों में भी लगातार बढोतरी दर्ज की जा रही है। रक्षाबंधन पर भाई को भेंट किए जाने वाला नारियल यानी श्रीफल अब तीस से पैंतीस रुपये प्रति नग तक बिक रहा है, जिससे दुकानों पर श्रीफल के ढेर तो सजे हैं लेकिन उन्हें खरीदना महंगा हो गया है। शक्कर और अन्य सामग्रियों के भाव बढने से मावे से बनी मिठाइयों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। मध्यम वर्ग की मिठाइयां चार सौ रुपये प्रति किलो और अच्छी क्वालिटी की मिठाइयां पांच सौ से साढे पांच सौ रुपये प्रति किलो के भाव बिकने लगी हैं। इसके अलावा त्योहारी सीजन में सफर करना भी महंगा हो गया है क्योंकि बसों के किराए में भी बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे मायके आने-जाने वाली बहनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एक तरफ जहां रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर चीताखेड़ा के बाजारों में रंग-बिरंगी राखियों और पूजन सामग्रियों की दुकानें सज चुकी हैं और ग्राहकों की चहल-पहल शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ती महंगाई ने आम परिवारों और विशेषकर बहनों के बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। |