रतलाम। सावन की भक्ति, भगवान महादेव की आराधना और लोक संस्कृति का अनूठा संगम उस समय देखने को मिला, जब श्री गढ़कैलाश महादेव मंदिर परिसर में पहली बार सावन माह के दौरान दो दिवसीय पुरुष गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। महादेव भक्त मंडल के तत्वावधान में 19 एवं 20 अगस्त की रात आयोजित इस विशेष आयोजन ने रतलाम के धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण में नया रंग भर दिया। रात 8 बजे शुरू हुआ गरबा उत्सव देर रात 12 बजे तक निरंतर चलता रहा और बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि सावन माह में गढ़कैलाश जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर पहली बार पुरुष गरबा का आयोजन हुआ। गरबा शुरू होते ही पूरा मंदिर परिसर भगवान महादेव की भक्ति और गरबे की ताल से गूंज उठा। रतलाम शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में युवक आयोजन में शामिल होने पहुंचे। पारंपरिक अंदाज में गरबा रास की प्रस्तुतियां देते युवाओं ने ऐसा समां बांधा कि मौजूद श्रद्धालु और दर्शक भी उत्साह से झूम उठे।
आयोजन के दौरान भक्ति गीतों और गरबा संगीत पर युवाओं ने सामूहिक रूप से गरबा रास प्रस्तुत किया। महादेव की आराधना के बीच युवाओं का यह उत्साह देखते ही बन रहा था। आयोजन को लेकर रतलाम की जनता में भी खासा उत्साह देखने को मिला और लोगों ने महादेव भक्त मंडल की इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की।
महादेव भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजक सुमित सोनी एवं जितेंद्र राठौड़ तथा मित्र मंडल के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था और पूरे आयोजन के दौरान भक्ति एवं उत्सव का माहौल बना रहा।
सावन में गढ़कैलाश की पावन धरा पर हुए इस अनूठे पुरुष गरबा महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि रतलाम की धार्मिक आस्था के साथ उसकी सांस्कृतिक ऊर्जा भी बेहद मजबूत है। दो दिनों तक देर रात तक चले इस भव्य आयोजन का जोश, उमंग और महादेव भक्ति से सराबोर माहौल लोगों की यादों में लंबे समय तक बना रहेगा। हर-हर महादेव के जयघोष के साथ महोत्सव का शानदार समापन हुआ और गढ़कैलाश परिसर भक्ति, उल्लास एवं उत्साह से गूंज उठा।