पिपल्या जोधा / सुरेश डांगी ग्राम पंचायत कयामपुर जनपद पंचायत सीतामऊ में विगत वर्षों में हुई वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं, भ्रष्टाचार, शासकीय नियमों के उल्लंघन तथा पंचायत अभिलेखों की जांच नहीं होने पर ग्रामीणों द्वारा ग्राम पंचायत परिसर मे ही धरना प्रदर्शन लगातार चार दिन से जारी है
ग्रामीणजनो ने जनपद पंचायत सीतामऊ के मुख्यकार्यपालन अधिकारी को आवेदन दे कर उपरोक्त सभी शिकायतों का मोके पर आकर निराकरण करने की मांग करि है यह कि ग्राम पंचायत में विगत कई वर्षों से पंचायत के विभिन्न कार्यों, योजनाओं, आय-व्यय, कर वसूली, निर्माण कार्यों, सामग्री क्रय, मनरेगा कार्यों तथा पंचायत प्रशासन से संबंधित मामलों में अनियमितता है
तथा उक्त मामलों में ग्रामीणों ने प्रशासन के अधिकारियो से निष्पक्ष जांच की मांग की ग्रामीणों ने आवेदन मे निम्न शिकायत दर्ज करवाकर पारदर्शिता रख जाँच की जाये उक्त शिकायती आवेदन मे बताया की
. आर.ओ. प्लांट एवं विद्युत देयक की जांच में पूर्व में स्थापित आर.ओ. प्लांट के संबंध में यह शिकायत है कि उक्त प्लांट की स्थापना/संचालन के लिए ग्राम पंचायत द्वारा विधिवत प्रस्ताव, ठहराव एवं आवश्यक शासकीय स्वीकृतियां प्राप्त की गई थीं अथवा नहीं, इसकी जांच नहीं हुई है।उक्त आर.ओ. प्लांट के संबंध में विद्युत विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने के पश्चात ग्राम पंचायत कयामपुर के नाम लगभग ₹1,53,333/- का विद्युत देयक जारी किए जाने की जानकारी है।अतः आर.ओ. प्लांट की स्थापना, संचालन, विद्युत कनेक्शन, विद्युत खपत, संबंधित भुगतान, पंचायत अभिलेखों में दर्ज प्रस्ताव/ठहराव तथा विद्युत विभाग की कार्रवाई से संबंधित समस्त दस्तावेजों की जांच कराई जाए। साथ ही सरपंच जगदीश माली, तत्कालीन सचिव दशरथ चौहान तथा अन्य संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर, यदि कोई वित्तीय अथवा प्रशासनिक अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए 2. हाट/बाजार नीलामी एवं आय की जांच
ग्राम पंचायत द्वारा प्रतिवर्ष हाट/बाजार की नीलामी किए जाने की जानकारी है। किंतु विगत लगभग चार वर्षों में हुई हाट नीलामी की प्रक्रिया, नीलामी से प्राप्त राशि, रसीद पुस्तिकाएं, नीलामी रजिस्टर, संबंधित बैंक खाते में जमा राशि तथा पंचायत के आय-व्यय अभिलेखों का स्पष्ट एवं सार्वजनिक विवरणउपलब्ध नहीं कराया गया है
अतः विगत चार वर्षों की समस्त हाट/बाजार नीलामी प्रक्रिया की जांच कराई जाए तथा नीलामी से प्राप्त राशि एवं पंचायत खाते में जमा राशि का मिलान कराया जाए। साथ ही संबंधित रसीद पुस्तिकाओं एवं मूल अभिलेखों की जांच की जाए
3. पंचायत कर/टैक्स वसूली की जांच
ग्राम पंचायत द्वारा विभिन्न प्रकार के करों एवं शुल्कों की वसूली की जाती है। अतः विगत वर्षों में की गई कर वसूली की रसीद पुस्तिकाएं, वसूली रजिस्टर, मांग एवं वसूली विवरण, बैंक में जमा राशि तथा पंचायत के लेखा अभिलेखों का भौतिक एवं दस्तावेजी मिलान कराया जाए यह भी जांच की जाए कि जितनी राशि ग्रामीणों से वसूल की गई, वह पूरी राशि पंचायत के खाते में नियमानुसार जमा की गई अथवा नहीं 4. मनरेगा एवं खेत तालाब कार्यों की विस्तृत जांच ग्राम पंचायत कयामपुर में मनरेगा योजना के अंतर्गत लगभग 10 से 15 खेत तालाब स्वीकृत किए जाने की जानकारी है। शिकायत है कि इन कार्यों का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद हितग्राहियों के स्थान पर सरपंच/सचिव के परिजनों, परिचितों अथवा प्रभावशाली व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर दिया गया अतः सभी स्वीकृत खेत तालाबों एवं अन्य मनरेगा कार्यों की जांच कराई जाए तथा प्रत्येक कार्य के संबंध में स्वीकृति, तकनीकी स्वीकृति, मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान, सामग्री भुगतान, कार्य की वास्तविक स्थिति, लाभार्थी की पात्रता तथा संबंधित बैंक खाते का सत्यापन कराया जाए साथ ही मौके पर जाकर यह भी जांच की जाए कि स्वीकृत कार्य वास्तव में निर्धारित स्थान पर एवं निर्धारित मापदंड के अनुसार पूर्ण हुए हैं अथवा नहीं 5. पंचायत बैठकों एवं ग्राम सभाओं की जांच शिकायत है कि विगत लगभग 9 माह से ग्राम पंचायत की नियमित बैठकें नियमानुसार आयोजित नहीं की गई हैं तथा ग्राम सभाओं के आयोजन एवं उनकी कार्यवाही को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं अतः विगत अवधि की पंचायत बैठकों एवं ग्राम सभाओं की सूचना, उपस्थिति रजिस्टर, कार्यवाही पुस्तिका, प्रस्ताव/ठहराव रजिस्टर तथा संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए
विशेष रूप से यह जांच की जाए कि निर्माण कार्यों, विकास कार्यों, वित्तीय स्वीकृतियों, सामग्री खरीदी, भुगतान एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय किस बैठक अथवा प्रस्ताव के आधार पर लिए गए। यदि किसी प्रस्ताव अथवा कार्यवाही में अनियमितता पाई जाती है तो उसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए।6. एलईडी/स्ट्रीट लाइट खरीद एवं भुगतान की जांच
ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय विद्युत पोलों पर प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में एलईडी/स्ट्रीट लाइट लगाए जाने एवं इनके लिए बड़ी राशि खर्च किए जाने की जानकारी है। जबकि विद्युत बल्ब/एलईडी सामग्री पर सामान्यतः वारंटी उपलब्ध रहती है
अतः विगत चार वर्षों में खरीदी गई एलईडी/स्ट्रीट लाइट की संख्या, खरीद दर, आपूर्तिकर्ता, बिल, भुगतान, स्टॉक रजिस्टर, सामग्री प्राप्ति एवं वितरण रजिस्टर तथा स्थापना संबंधी अभिलेखों की जांच की जाए साथ ही मौके पर भौतिक सत्यापन कर यह निर्धारित किया जाए कि अभिलेखों में जितनी सामग्री खरीदी एवं लगाई गई दर्शाई गई है, वास्तव में उतनी ही सामग्री मौके पर उपलब्ध एवं स्थापित है अथवा नहीं 7. शासकीय आरक्षित भूमि पर निर्माण/अतिक्रमण की जांच
ग्राम पंचायत कयामपुर में शासकीय कुएं के समीप स्थित आरक्षित शासकीय भूमि पर पक्का निर्माण किए जाने की शिकायत पूर्व में तहसील कार्यालय में की गई थी, जिसके पश्चात वर्तमान में निर्माण कार्य रुका हुआ है
अतः उक्त स्थल का मौका निरीक्षण/स्पॉट निरीक्षण कराया जाए तथा राजस्व अभिलेखों, नक्शा, खसरा एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों के आधार पर भूमि का वास्तविक स्वामित्व एवं उपयोग निर्धारित किया जाए
यदि उक्त भूमि शासकीय/आरक्षित भूमि पाई जाती है तो निर्माण की अनुमति, निर्माणकर्ता की पहचान, संबंधित अधिकारियों की जानकारी/भूमिका तथा अब तक हुए निर्माण की वैधता की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए 8. पंचायत अभिलेखों में हेराफेरी की आशंका की जांच पूर्व में की गई शिकायतों एवं जांच से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां यदि जांच पूर्ण होने से पहले ही संबंधित पंचायत पदाधिकारियों अथवा अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध हो जाती हैं, तो इससे मूल अभिलेखों में बदलाव, नए दस्तावेज तैयार करने अथवा रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका उत्पन्न होती है अतः जांच के दौरान ग्राम पंचायत के मूल अभिलेखों, रजिस्टरों, कार्यवाही पुस्तिकाओं, बिल-वाउचर, भुगतान अभिलेखों, स्टॉक रजिस्टर, मस्टर रोल तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखते हुए उनकी जांच कराई जाए आवश्यकता होने पर जांच प्रारंभ होने से पूर्व संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर उनकी प्रमाणित प्रतियां तैयार कराई जाएं, ताकि किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना न रहे 9. स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच अधिकारी/दल नियुक्त किए जाने की मांग उपरोक्त सभी शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए निवेदन है कि जांच केवल स्थानीय स्तर पर औपचारिक रूप से न कराई जाए यदि आवश्यक समझा जाए तो जनपद पंचायत सीतामऊ के स्थानीय अधिकारियों के अतिरिक्त जिले के किसी अन्य अनुभाग के वरिष्ठ एवं स्वतंत्र अधिकारी/जांच दल से जांच कराई जाए जांच के दौरान संबंधित पंचायत पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर, शिकायतकर्ता एवं संबंधित ग्रामीणों के बयान लिए जाएं तथा प्रत्येक बिंदु पर पृथक-पृथक जांच निष्कर्ष तैयार किया जाए दिनेश भीरमा
उप-सरपंच, ग्राम पंचायत कयामपुर
मुकेश गौड़
ब्लॉक अध्यक्ष-राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, कयामपुर
इनका कहना -
मेने धरना स्थल पर जाकर ग्रामीणों से आवेदन लिया है उनकी मांग है की जिले से जाँच दल गठन किया जाये उसके लिए मेने जिला पंचायत मे सुचना कर दी है जल्दी ही जाँच दल गठन कर उपरोक्त सभी शिकायतों पर जाँच कर कार्यवाही की जाएगी
धर्मेंद्र यादव - मुख्य कार्यपालक अधिकारी सीतामऊ