रतलाम/शिवगढ़। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सागलाखो में खेत में भेड़-बकरियां चराने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। राजस्थान से आए भेड़-बकरी पालकों और स्थानीय आदिवासी परिवार के बीच सोयाबीन की फसल चराने तथा भेड़ चोरी के विवाद को लेकर जमकर मारपीट हुई। लाठी-डंडों से हुए हमले में 60 वर्षीय मंगला पिता कांजी भाभर गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए अस्पताल ले जाते समय/इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में मृतक का पुत्र सुखराम भी घायल हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 18 अगस्त 2026 की शाम करीब 5:30 बजे ग्राम सागलाखो में 08 लेन के पास फरियादी के खेत पर हुई। खेत की मेड़ पर भेड़-बकरियां चराने को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी बढ़ गई और मारपीट शुरू हो गई। घटना के बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तत्काल 112 पर सूचना दी। घायल मंगला भाभर को उपचार के लिए शिवगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर आगे उपचार की स्थिति बनी, लेकिन उनकी मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही शिवगढ़ थाना पुलिस सक्रिय हुई और मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार/राउंडअप किया गया। पुलिस ने अपराध क्रमांक 244/2026 में प्रारंभिक रूप से धारा 109(1), 296(b), 115(2), 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया था, बाद में मंगला भाभर की मृत्यु के बाद धारा 103(1) बीएनएस बढ़ाई गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हराजी पिता लालाजी रेबारी उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम गिरवर थाना गुडा जिला पाली राजस्थान, सोनाराम उर्फ सुनाराम पिता पौसाजी रेबारी उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम कुरना थाना गुडा जिला पाली राजस्थान, राजा जी पिता भानाजी रेबारी उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम किरवा थाना गुडा जिला पाली राजस्थान, अमीरा राम पिता लालारामजी रेबारी उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम नयागांव थाना गुडा जिला पाली राजस्थान तथा तेजाजी उर्फ तेजाराम पिता जापाजी खोरी उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम लापुर तहसील वाली थाना गुडा जिला पाली राजस्थान शामिल हैं।
घटना के बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी। उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई किए जाने पर संतोष जताते हुए कहा कि जिस कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीण आए थे, प्रशासन ने उससे पहले ही हत्या की धारा बढ़ाकर पांचों आरोपियों को अंदर कर दिया है। उन्होंने शिवगढ़ थाना प्रभारी सहित पूरी पुलिस टीम को कार्रवाई के लिए बधाई दी।
मौके पर थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना, उप निरीक्षक प्रताप सिंह भदौरिया, उप निरीक्षक आई.एम. खान, प्रधान आरक्षक विजय मंडलोई, दिलीप शर्मा, लिंबोदिया सहित आरक्षक मनीष मौजूद रहे। पुलिस एवं प्रशासनिक अमले ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मामले की प्रारंभिक कार्रवाई उप निरीक्षक अजमेरसिंह भूरिया द्वारा की गई, जबकि पूर्व विवेचनाकर्ता उप निरीक्षक ईशाक मोहम्मद खान रहे। वर्तमान में मामले की विवेचना थाना प्रभारी निरीक्षक रणजीतसिंह मकवाना द्वारा की जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है। पूरे मामले में पुलिस द्वारा घटना के कारणों, मारपीट की परिस्थितियों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत