खंडवा । खंडवा में हिन्दू महासभा ने युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पवनसिंह राजपूत के विरुद्ध प्रस्तावित जिला बदर कार्रवाई को लेकर मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारत हिन्दू महासभा युवा मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर ऋषभ गुप्ता तथा इंदौर संभाग आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई पर पुनर्विचार और निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि जिला बदर की प्रस्तावित कार्रवाई जिन मामलों के आधार पर की जा रही है, उनमें अधिकांश प्रकरण वर्ष 2020 के पुराने हैं। संगठन का दावा है कि इनमें से कई मामलों में संबंधित व्यक्ति न्यायालय से दोषमुक्त हो चुका है, जबकि अन्य प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे में केवल पुराने अथवा लंबित मामलों को आधार बनाकर जिला बदर जैसी कठोर प्रशासनिक कार्रवाई करना न्याय के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
हिन्दू महासभा ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2024 में भी इन्हीं तथ्यों के आधार पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई की जा चुकी थी। अब उन्हीं आधारों को पुनः आधार बनाकर नई कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किया जाना दोहराव की स्थिति उत्पन्न करता है और इस पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धाराओं 107, 110 एवं 116(3) के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों को जिला बदर का आधार बनाए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई। संगठन का कहना है कि ये धाराएं शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की एहतियाती प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इन्हें आपराधिक दोष सिद्धि के समान नहीं माना जा सकता।
संगठन ने प्रशासन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित कराया कि वर्तमान समय में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कोई नई आपराधिक गतिविधि दर्ज नहीं है और न ही उसके कारण किसी प्रकार की शांति भंग होने की स्थिति उत्पन्न हुई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन करने पर कई मामलों में स्पष्ट शिकायतकर्ता तथा ठोस साक्ष्यों का अभाव दिखाई देता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि केवल प्रकरणों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिला बदर नोटिस का विस्तृत एवं विधिवत उत्तर अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत किया जा चुका था, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि उस उत्तर का समुचित परीक्षण किए बिना ही कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। संगठन ने आशंका व्यक्त की कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई होती है तो इससे संबंधित व्यक्ति के संवैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे और उसके परिवार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
हिन्दू महासभा ने ज्ञापन में यह भी कहा कि खंडवा में सामाजिक एवं राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय युवाओं पर इस प्रकार की कार्रवाई के माध्यम से अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। संगठन ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं कानूनसम्मत समीक्षा कर न्यायोचित निर्णय लेने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारत हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष वीरसिंह राजपूत, प्रदेश संगठन मंत्री पं. जीतू दुबे, देवेंद्र सिंह राजपूत (हिन्दू महासभा मध्यप्रदेश), संभाग अध्यक्ष विजय वर्मा, जिला संगठन मंत्री राकेश रायकवार, जिला उपाध्यक्ष नरेन्द्र नागरे, युवा मोर्चा जिला संगठन मंत्री मोहित शर्मा, जिला महामंत्री श्याम नाफड़े, जिला उपाध्यक्ष राहुल राजपूत, जिला मंत्री राहुल यादव, विधिक प्रमुख अश्विन कनाड़िया, मीडिया प्रभारी मयूर ठाकुर, मंडल अध्यक्ष गोविंद यादव, कुणाल असालकर, राहुल राजपूत सहित बड़ी संख्या में हिन्दू महासभा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत