रतलाम / सैलाना। भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के कलेक्टरपर धरना प्रदर्शन के बाद विधायक कमलेश्वर डोडियार एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा सहीत 4 साथियों पर दर्ज एफआईआर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
विधायक डोडियार ने आरोप लगाया कि भाजपा और प्रशासन मिलकर उनकी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इससे उनके आंदोलन और चुनावी तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
डोडियार ने कहा कि भारत आदिवासी पार्टी आगामी पंचायती राज चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के साथ सैलाना, बाजना, रतलाम ग्रामीण और पिपलोदा जनपद अध्यक्ष पदों पर जीत का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेगी। साथ ही अधिक से अधिक सरपंच पदों पर विजय हासिल कर नया राजनीतिक इतिहास रचने का प्रयास करेगी।
विधायक ने दावा किया कि प्रदर्शन और रैली की सूचना उन्होंने एक दिन पूर्व सुबह 11:52 बजे आवेदन जिला कलेक्टर की शासकीय ई-मेल आईडी एवं पर भेज दी थी, जिसका उनके पास प्रमाण भी मौजूद है।
उनका कहना है कि यदि प्रशासन को किसी प्रकार की अनुमति संबंधी आपत्ति थी तो उन्हें अवगत कराया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और सीधे एफआईआर दर्ज कर दी गई।
डोडियार ने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए कहा कि प्रशासन उनके जनप्रतिनिधि विशेषाधिकारों का हनन कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक विधायक को अधिकारियों से मिलने या जनता की समस्याएं उठाने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सड़क, सदन और आवश्यकता पड़ने पर अदालत तक जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी तथा एफआईआर को न्यायालय के माध्यम से निरस्त कराने का प्रयास करेगी।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत