रतलाम / सैलाना
गौसेवा के बड़े-बड़े दावों के बीच सैलाना की गौशाला से चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। गौशाला में रखे मूक पशुओं को स्वच्छ पानी के बजाय गंदगी और काई से भरा दूषित पानी पिलाया जा रहा है। भीषण गर्मी के दौर में यह स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी मानी जा रही है।
गौशाला परिसर में बने पानी के हौजों की हालत बेहद खराब है। हौजों में भरा पानी पूरी तरह हरा पड़ चुका है और उस पर काई की मोटी परत जमी हुई है। पानी में गंदगी और कचरा तैरता नजर आ रहा है, जिससे दुर्गंध फैल रही है। ऐसे दूषित पानी को पीने के लिए गौवंश मजबूर है, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
गौशाला में लंबे समय से सफाई व्यवस्था ठप है। हौजों की नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति बदतर हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि शासन द्वारा गौशालाओं के संचालन और गौसंरक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं इतनी बदहाल क्यों हैं।
गर्मी के मौसम में जहां पशुओं को स्वच्छ पानी और उचित देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहीं सैलाना गौशाला की यह तस्वीर जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल जांच करें!
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या गौसेवा सिर्फ कागजों और नारों तक सीमित रह गई है, या मूक पशुओं की पीड़ा सुनने वाला कोई जिम्मेदार भी है?
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत