रतलाम / सैलाना
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उठे सवालों और विधायक कमलेश्वर डोडियार के कड़े हस्तक्षेप के बाद आखिरकार नगर परिषद सैलाना हरकत में आ गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत नगर में गीला एवं सूखा कचरा पृथक्कीकरण को लेकर लंबे समय से लंबित डस्टबिन वितरण कार्य अब तेज़ी से शुरू कर दिया गया है। इस पहल की शुरुआत वार्ड क्रमांक 11 से की गई, जहां हरे और नीले रंग के डस्टबिन घर-घर वितरित किए गए।
गौरतलब है कि हाल ही में विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर को स्मरण पत्र भेजकर 7000 डस्टबिन खरीदे जाने के बावजूद उनके वितरण में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया था। विधायक के इस सक्रिय हस्तक्षेप के बाद प्रशासन और नगर परिषद में हलचल देखने को मिली और अब जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है।
नगर परिषद अध्यक्ष चैतन्य शुक्ला एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों में कचरा पृथक्कीकरण की आदत विकसित करना है। अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि “नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है,” और नागरिकों से अपील की कि वे हरे डस्टबिन में गीला कचरा एवं नीले डस्टबिन में सूखा कचरा ही डालें।
वहीं, विधायक कमलेश्वर डोडियार के प्रयासों को भी इस पहल का अहम कारण माना जा रहा है, जिनके दबाव और जनहित में उठाए गए मुद्दे के चलते यह कार्य गति पकड़ सका। राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय का यह उदाहरण अब सैलाना में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर उभर रहा है।
इस अवसर पर पार्षद पुष्पा राठौड , समाजसेवी एवं शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मांडोत सहित नगर परिषद के कर्मचारी भीमसेन लहरी, धीरज सिंह रावत, धन्नालाल परमार, हुकमीचंद परमार, सुरेश पाटीदार, दीपक गोयर आदि उपस्थित रहे।
नगरवासियों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, वहीं अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि यह अभियान कितनी प्रभावी तरीके से पूरे नगर में लागू होता है।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत