भीलवाड़ा/ उदयपुर
भीलवाड़ा, उदयपुर एवं राजसमंद में 1 मार्च 2026 को टाक समाज के चुनाव शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए। तीनों क्षेत्रों में समाज बंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुई, जिसके बाद विजयी पैनलों की घोषणा होते ही समाज में खुशी की लहर दौड़ गई।
चुनाव चाहे खेल का मैदान हो या जनमत का, दोनों ही स्थानों पर टीमें अपना-अपना भाग्य आजमाती हैं, लेकिन विजय उसी की होती है जिसे बहुमत का आशीर्वाद प्राप्त होता है। परिणाम घोषित होते ही पराजित पक्ष ने भी खेल भावना का परिचय देते हुए विजयी पैनल को बधाई दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। एक-दूसरे को हार-माला पहनाकर गले मिलना टाक समाज की वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जिसका निर्वहन इस बार भी पूरे सम्मान के साथ किया गया।
होली से पहले ही होली जैसा माहौल
चुनाव परिणाम आते ही तीनों क्षेत्रों में होली जैसा उत्सव का वातावरण बन गया। गुलाल और रंगों की बौछार के बीच ढोल-नगाड़ों की थाप पर समाजजन झूम उठे। “सांवरिया सेठ” और “श्याम बाबा” के जयकारों से वातावरण गूंजायमान हो उठा। समाज के पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और विजयी उम्मीदवारों का अभिनंदन किया।
शपथ ग्रहण समारोह में समाज हित का संकल्प
विजयी उम्मीदवारों को नियमानुसार शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण समारोह में सभी पदाधिकारियों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निष्ठा और समर्पण से निभाने, बिना किसी भेदभाव के समाज हित में कार्य करने तथा आपसी एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।
विशेष रूप से उदयपुर क्षेत्र में निर्विरोध चुनाव संपन्न होना समाज की एकजुटता और आपसी विश्वास का प्रतीक रहा। यहां भी विजेताओं का भव्य स्वागत कर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया।
लोकतांत्रिक परंपरा का सशक्त उदाहरण
तीनों क्षेत्रों—भीलवाड़ा, उदयपुर एवं राजसमंद—में बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने भाग लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया। टाक समाज में चुनाव की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर वर्ष समाज हित में ऐतिहासिक एवं सराहनीय कार्य इसी सामूहिक नेतृत्व और मार्गदर्शन में संपन्न होते हैं।
टाक समाज के इन शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण चुनावों ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि संगठन की शक्ति एकता, परंपरा और आपसी सम्मान में निहित होती है।