धार /पीथमपुर
धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के सेक्टर-1 स्थित एक निजी स्कूल में बनाए गए 10वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र पर मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया। गणित विषय की परीक्षा के दौरान एक नाबालिग छात्रा ने परीक्षा केंद्र के बाथरूम में नवजात शिशु को जन्म दिया, जिससे परीक्षा केंद्र सहित पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा सुबह अन्य परीक्षार्थियों की तरह सामान्य रूप से परीक्षा दे रही थी।
परीक्षा शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद उसे अचानक तेज पेट दर्द हुआ। छात्रा ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी और शौचालय जाने की अनुमति मांगी। काफी देर तक छात्रा के वापस न लौटने और बाथरूम से बच्चे के रोने की आवाज आने पर महिला कर्मचारियों को संदेह हुआ। जब वे शौचालय पहुंचीं तो छात्रा प्रसव के बाद नवजात के साथ मौजूद थी।
घटना की सूचना मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को बुलाया। एम्बुलेंस के माध्यम से जच्चा और नवजात को पीथमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां दोनों को प्राथमिक उपचार दिया गया। 25 फरवरी 2026 को डॉक्टरों ने बताया कि यह प्री-मैच्योर डिलीवरी है। समय से पहले जन्म होने के कारण नवजात की हालत गंभीर बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए मां और बच्चे दोनों को धार जिला अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) में रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।
मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ में छात्रा की मां ने बताया कि बेटी की सगाई हो चुकी थी, लेकिन गर्भवती होने की जानकारी उन्हें नहीं थी।
वहीं, छात्रा ने अपने बयान में बताया कि नवजात उसके मंगेतर का नहीं, बल्कि उसके प्रेमी कान्हा बर्मन का है, जिससे उसकी पहचान वर्ष 2024 में एक गरबा कार्यक्रम के दौरान हुई थी।
एसआई चांदनी सिंगार के अनुसार, मामले में ‘जीरो’ पर कायमी कर प्रकरण को संबंधित थाना क्षेत्र बेटमा पुलिस को भेजा जा रहा है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए जांच सभी कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है। यह घटना समाज, परिवार और प्रशासन—तीनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
Crime reporter Jitendra Kumawat