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वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी श्री अशोक मनवानी जी की सेवानिवृत्ति पर विशेष भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के मुख्यमंत्री प्रेस प्रकोष्ठ में पदस्थ वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी एवं संयुक्त संचालक श्री अशोक मनवानी जी 30 अक्टूबर 2026 को अपनी सफल, यशस्वी एवं निष्कलंक शासकीय सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी सेवानिवृत्ति जनसंपर्क विभाग के साथ-साथ साहित्य जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। श्री अशोक मनवानी जी ने अपनी विशिष्ट कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और रचनात्मक दृष्टिकोण से न केवल एक कुशल शासकीय अधिकारी के रूप में पहचान बनाई, बल्कि एक प्रतिष्ठित साहित्यकार, चिंतक, लेखक एवं संवेदनशील कवि के रूप में भी अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों एवं जनहितकारी कार्यक्रमों को अपनी प्रभावशाली लेखनी और साहित्यिक दृष्टि के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने की उनकी कला सदैव स्मरणीय रहेगी। साहित्य एवं लेखन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया जाता रहा है। जनसंपर्क विभाग में श्री मनवानी जी एक मिलनसार, मृदुभाषी, सहज, समर्पित एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में प्रतिष्ठित रहे हैं। अपने सहकर्मियों और अधीनस्थों के प्रति उनका सहयोगात्मक दृष्टिकोण, आत्मीय व्यवहार तथा मार्गदर्शन की भावना उनकी कार्यशैली के विशिष्ट गुण रहे हैं। उन्होंने अपने अनुभव, व्यवहार-कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण से विभागीय कार्यसंस्कृति को समृद्ध किया है। उनकी सहजता, सौम्यता और सहयोग की भावना नई पीढ़ी के जनसंपर्क अधिकारियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। शासकीय सेवा से सेवानिवृत्ति जीवन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन यह किसी व्यक्ति की सक्रियता, सृजनशीलता और सामाजिक योगदान का विराम नहीं होती। श्री मनवानी जी जैसे बहुआयामी व्यक्तित्व के लिए यह जीवन के एक नए अध्याय का शुभारंभ है, जिसमें उनके साहित्यिक चिंतन, लेखन और रचनात्मक अभिव्यक्ति को और अधिक विस्तार मिलने की अपेक्षा है। श्री अशोक मनवानी जी की सेवानिवृत्ति से जनसंपर्क विभाग में उनके अनुभव, मार्गदर्शन और आत्मीय सहयोग की कमी अवश्य महसूस होगी। वहीं, साहित्य जगत भी उनके सृजनशील व्यक्तित्व, विचारों और लेखनी से निरंतर लाभान्वित होने की अपेक्षा रखता है। श्री अशोक मनवानी जी को उनकी सफल एवं गरिमामय शासकीय सेवा पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सुख-समृद्धि और निरंतर सृजनशील जीवन प्रदान करें। उनका आगामी जीवन साहित्य साधना, चिंतन, लेखन और समाज के प्रति रचनात्मक योगदान से निरंतर आलोकित होता रहे। सादर शुभेच्छु जगदीश मालवीय आगर-मालवा |