रतलाम। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 17 एवं 18 सितंबर को आयोजित सहायक कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व विधायक एवं व्यापम व्हिसलब्लोअर पारस सकलेचा ने आरोप लगाया है कि 17 सितंबर की दूसरी पाली में रतलाम के सृजन कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दोपहर 2:30 बजे निर्धारित परीक्षा करीब तीन घंटे की देरी से शाम लगभग 5:30 बजे शुरू हुई। उन्होंने इस देरी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सकलेचा के अनुसार, परीक्षा प्रारंभ होने में इतनी लंबी देरी के दौरान कुछ परीक्षार्थियों के केंद्र से बाहर जाने और बाद में परीक्षा शुरू होने के समय वापस आने की स्थिति बनी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक ही परीक्षा के लिए निर्धारित समय तय था, तो अलग-अलग केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के समय में इतना बड़ा अंतर कैसे हुआ। उन्होंने कर्मचारी चयन मंडल से देरी का वास्तविक कारण स्पष्ट करने और इस अवधि में परीक्षार्थियों की आवाजाही की निगरानी संबंधी रिकॉर्ड सामने रखने की मांग की।
CCTV और सर्वर लॉग सार्वजनिक करने की मांग
सकलेचा ने कहा कि यदि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई है तो परीक्षा केंद्रवार वास्तविक प्रारंभ एवं समाप्ति समय, सर्वर लॉग, लॉग-इन रिकॉर्ड, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं तथा जांच में शामिल किए जाएं। उनका कहना है कि तीन घंटे की देरी को महज तकनीकी समस्या बताकर मामले को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने परीक्षा संचालन के लिए चयनित कंपनी पर भी सवाल उठाए। सकलेचा ने दावा किया कि दिसंबर 2024 से ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन का काम एप्टेक कंपनी को लगभग 260 रुपए प्रति परीक्षार्थी की दर से दिया गया, जबकि पूर्व में यह कार्य करीब 170 रुपए प्रति परीक्षार्थी की दर से कराया जाता था। उन्होंने यह भी दावा किया कि कंपनी को जम्मू-कश्मीर सहित कुछ अन्य राज्यों में ब्लैकलिस्ट किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभाग और अभिलेखों से होना बाकी है।
2,784 पदों के लिए करीब 35 हजार आवेदन
सहायक कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा कृषि विभाग के 2,784 पदों के लिए आयोजित की गई। परीक्षा में 200 वस्तुनिष्ठ प्रश्न थे और प्रत्येक पाली के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित था। सकलेचा के अनुसार करीब 35 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जबकि लगभग 23 हजार अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी है। परीक्षा 17 सितंबर को दो पालियों और 18 सितंबर को एक पाली में आयोजित की गई।
सकलेचा ने कहा कि यदि अलग-अलग केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित समय से काफी अंतर से शुरू हुई है तो प्रश्नपत्र की गोपनीयता, परीक्षा की समान परिस्थितियों और निष्पक्षता से जुड़े सवालों की जांच जरूरी है।
पुरानी भर्ती परीक्षाओं का भी उठाया मुद्दा
उन्होंने कृषि विभाग से संबंधित पूर्व भर्ती परीक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2021 में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, समूह-2 उपसमूह-4 तथा समूह-5 भर्ती परीक्षाओं को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। उनके अनुसार शिकायतों के बाद परीक्षाएं निरस्त की गईं और साइबर पुलिस को जांच के लिए प्रकरण सौंपे गए। सकलेचा ने इन मामलों की जांच की स्थिति और रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग भी की।
बाहर गए अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड जांचने की मांग
सकलेचा ने कर्मचारी चयन मंडल से मांग की है कि सभी परीक्षा केंद्रों का वास्तविक परीक्षा प्रारंभ एवं समाप्ति समय सार्वजनिक किया जाए। रतलाम के सृजन कॉलेज केंद्र के CCTV फुटेज, सर्वर लॉग, बायोमेट्रिक एवं लॉग-इन रिकॉर्ड सुरक्षित कर जांच में शामिल किए जाएं। साथ ही परीक्षा में देरी के दौरान केंद्र से बाहर गए और बाद में परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड भी जांचा जाए।
उन्होंने कहा कि हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा में पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। तीन घंटे की देरी जैसे मामले की स्वतंत्र जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाने चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच उठ रहे सवालों का स्पष्ट समाधान हो सके।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत