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जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मिले राज शेखावत; तीन सप्ताह में फिर होगी बैठक, सरकार ने मांगों पर विचार का दिया भरोसा नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वर्ष 2026 में जारी नए विनियमों को लेकर चल रहे विवाद के बीच रविवार, 20 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित ‘UGC रोलबैक सवर्ण महापंचायत’ स्थगित कर दी गई। महापंचायत का आह्वान क्षत्रिय करणी सेना की ओर से किया गया था। महापंचायत स्थगित करने का फैसला केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं UGC Rollback Savarna Mahapanchayat Committee के संस्थापक राज शेखावत के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद लिया गया। सरकार ने क्या कहा? जेपी नड्डा ने बैठक के बाद बताया कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए मुद्दों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर उचित विचार करेगी और आने वाले तीन सप्ताह में प्रतिनिधिमंडल के साथ फिर बैठक की जाएगी। इसके बाद राज शेखावत और उनके प्रतिनिधिमंडल ने 20 सितंबर को प्रस्तावित महापंचायत को स्थगित करने का निर्णय लिया। प्रतिनिधिमंडल में क्षत्रिय करणी सेना के अलावा समृद्ध सनातन संघ और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। क्या है UGC का विवाद? विवाद University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 को लेकर है। UGC ने इन विनियमों को 13 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया था। इनका उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव की शिकायतों से निपटने और समानता को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत व्यवस्था तैयार करना है। UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026 के इन विनियमों को सूचीबद्ध किया गया है। नए नियमों में उच्च शिक्षण संस्थानों में Equity Committees, Equal Opportunity Centres और शिकायत निवारण की व्यवस्था जैसे प्रावधान शामिल किए गए थे। समर्थकों का कहना है कि इनका उद्देश्य विशेष रूप से भेदभाव की शिकायतों के लिए संस्थागत सुरक्षा मजबूत करना है। वहीं विरोध करने वाले संगठनों का आरोप है कि नियमों में कुछ प्रावधान सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के प्रति समान सुरक्षा और शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्याप्त स्पष्ट नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट भी कर चुका है हस्तक्षेप UGC के 2026 के इन विनियमों को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। 29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों को फिलहाल स्थगित/abeyance में रखने का आदेश दिया था और कहा था कि संबंधित प्रावधानों की आगे समीक्षा की जरूरत है। उस समय कोर्ट ने 2012 के UGC नियमों को फिलहाल लागू रखने का निर्देश दिया था। जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में भी मामला 20 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति को लेकर दिल्ली पुलिस और आयोजकों के बीच भी विवाद हुआ। दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 सितंबर को पुलिस से सवाल किया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पूरी तरह रोकने के बजाय आवश्यक शर्तें लगाकर या वैकल्पिक स्थान देकर प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी जा सकती। मामले में अदालत ने वैकल्पिक स्थल के संबंध में पुलिस से जवाब मांगा था। अब आगे क्या? फिलहाल 20 सितंबर की प्रस्तावित UGC रोलबैक महापंचायत स्थगित हो गई है। सरकार और आयोजकों के बीच अगले तीन सप्ताह में प्रस्तावित बैठक को अब इस पूरे विवाद में अगला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस बैठक में UGC Regulations 2026 और आयोजकों की आपत्तियों पर आगे चर्चा होने की बात कही गई है। |