रतलाम/सैलाना
मध्य प्रदेश पुलिस में एक बार फिर युवा जोश और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। 2024 बैच के आईपीएस अधिकारी लेखराज मीणा ने शनिवार को सैलाना एसडीओपी का पदभार विधिवत ग्रहण कर लिया। महज 21 महीने की सेवा में ही उन्होंने पहली स्वतंत्र सब-डिविजनल कमान हासिल कर ली है।
राजस्थान मूल के इस होनहार अधिकारी का जन्म लगभग 1993 में हुआ। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से सीधे आईपीएस बने लेखराज मीणा ने 9 दिसंबर 2024 को मध्य प्रदेश कैडर जॉइन किया था। नवंबर 2025 से वे छतरपुर में एएसपी (प्रोबेशनर) के रूप में कार्यरत थे। फरवरी 2026 में छतरपुर पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने उनकी कार्यशैली और अनुशासन को देखते हुए उन्हें संवेदनशील ओरछा रोड थाना का प्रभार भी सौंप दिया था।
13-14 सितंबर को हुए बड़े पुलिस तबादले में उन्हें छतरपुर से रतलाम जिले के सैलाना एसडीओपी के पद पर पदस्थ किया गया। शनिवार को पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने थाना अधिकारियों और कर्मचारियों से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध की स्थिति, भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियां, संवेदनशील क्षेत्र, प्रमुख बाजार और यातायात व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।
एसडीओपी मीणा का सख्त संदेश
पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों को टीम भावना के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि आमजन के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए। युवा अधिकारी की इस सक्रिय शुरुआत को सैलाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश कैडर के 2024 बैच के इस अधिकारी ने बेहद कम समय में फील्ड की जिम्मेदारियां संभालते हुए अपनी क्षमता का परिचय दिया है। सैलाना जैसे महत्वपूर्ण सब-डिवीजन की कमान संभालकर लेखराज मीणा अब क्षेत्र की सुरक्षा और जनसेवा में नई ऊर्जा भरने को तैयार हैं।
युवा आईपीएस का सफर जारी...
लेखराज मीणा का यह सफर साबित करता है कि मेहनत, अनुशासन और समर्पण से कितनी जल्दी नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं। सैलाना की जनता और पुलिस बल अब युवा एसडीओपी से बेहतर कानून-व्यवस्था और संवेदनशील प्रशासन की उम्मीद लगाए बैठा है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत