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फोरजीरो पर पुलिस की खींचतान के बावजूद मुख्यमंत्री के दो पुतले का दहन, जिला कांग्रेस कार्यालय के गेट पर भी हुआ पुतला दहन सागर में जहरीली शराब से 33 एवं बालाघाट में 35 नवजातों की मौत के विरोध में किया था प्रदर्शन नीमच। प्रदेश में लगातार घट रही दुखद घटनाओं और सरकार की कथित विफलताओं को लेकर शनिवार को जिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोला। भारी बारिश के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह और आक्रोश कम नहीं हुआ। गांधी भवन से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विशाल पैदल मार्च रवाना हुआ, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ भारत माता चौराहा फोरजीरो पहुंचा। इस पैदल मार्च के दौरान भारत माता चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर जमकर प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पुरजोर नारेबाजी की। यह विरोध रैली सागर में जहरीली शराब से हुई 35 से अधिक मौतों और बालाघाट क्षेत्र में कुपोषण के कारण 30 से अधिक नवजात शिशुओं की हुई दर्दनाक मृत्यु के विरोध में निकाली गई। प्रदर्शन के लिए कांग्रेस ने प्रदेश सरकार की विफलताओं को दर्शाने वाला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार के 10 मंत्रियों के फोटो वाला रावण रूपी दशानन का एक बड़ा पुतला बनाया था। जिसमें प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्रियों के फोटो लगाए गए थे। प्रदर्शन के दौरान फोरजीरो चौराहे पर पुलिस प्रशासन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बहुत ही ज्यादा खींचतान देखने को मिली। पुलिस ने प्रदर्शन रोकने और पुतले को छीनने का पूरा प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस को चकमा देते हुए फोरजीरो चौराहे पर ही दो पुतलों का दहन कर दिया। तीखी खींचतान के बावजूद कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और पुतले को आगे बढ़ाते हुए जिला कांग्रेस कार्यालय के मुख्य गेट तक ले गए, जहां मुख्यमंत्री और उनके 10 मंत्रियों के रावण रूपी 10 मुख वाले पुतले का दहन किया गया। प्रदर्शन के दौरान मंचासीन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। नेताओं ने कहा कि डॉ. मोहन यादव की सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है और प्रशासनिक व स्वास्थ्य व्यवस्था पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। सागर में 35 से अधिक लोगों की जहरीली शराब से जान चली जाना प्रशासनिक तंत्र के भ्रष्टाचार को उजागर करता है, वहीं बालाघाट में कुपोषण से 30 से अधिक मासूम नवजात शिशुओं की मृत्यु यह बताने के लिए काफी है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटिलेटर पर हैं। इससे पूर्व भी इंदौर में जहरीला पानी पीने से हुई मौतें और नकली व जहरीले कफ सिरप के कारण मासूमों की जान जाने जैसी हृदयविदारक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन सरकार ने इनसे कोई सबक नहीं लिया। नेताओं ने कहा कि प्रदेश में रोज निर्दोष नागरिकों और बच्चों की जानें जा रही हैं और सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित है। जनहित, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर नाकाम साबित हो चुकी इस सरकार के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। सरकार की इस घोर लापरवाही और नाकामी को जनता कभी माफ नहीं करेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और जब तक पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता तथा मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक संघर्ष जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस प्रभारी व सुसनेर विधायक भैरों सिंह बापू, पूर्व विधायक व लोकसभा प्रत्याशी दिलीप गुर्जर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती मुख्य रूप से शामिल रहे। इनके साथ तीनों विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी—चंद्रशेखर शर्मा, हिमांशु जोशी एवं राजीव देवदा—की विशेष उपस्थिति रही। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल चौरसिया, सत्यनारायण पाटीदार, समंदर पटेल, मंगेश संघई, मधु बंसल, सोमिल नाहटा, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा सांभर, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहनसिंह ‘मन्नू बना’, सेवादल के गजेंद्र यादव, ब्लॉक अध्यक्ष महेंद्र ‘मोनू’ लोक्स, ओम दीवान, बलवंत पाटीदार, विनोदसिंह, नरेंद्र सिंह राणावत, श्याम सोनी, शंभू लाल चारण, सत्तू धाकड़, ईश्वर मुजावदिया, जसवंतसिंह चंद्रावत, राकेश जावरिया, बृजेश सक्सेना, बाबू सलीम, पृथ्वी सिंह वर्मा, प्रभुलाल चंदेल, महेंद्र सिंह काली कोटडी, संजीव पगारिया, हरीश दुआ, योगेश प्रजापति, राम प्रसाद कसेरा, विमल शर्मा, कमल मित्तल, राकेश अहीर, रणजीत सिंह बबली तंवर, महेश वीरवाल, भानु प्रताप सिंह राठौड़, हिदायतुल्ला खान, सुरेश धनगर, लोकेंद्र सिंह चंद्रावत मोंटी बना, राकेश सोनकर, शराफत हुसैन, इकबाल कुरैशी, रामप्रताप जाट, बालकिशन धाकड़,अशोक गुर्जर, मनीष सिंह जिला प्रवक्ता भगत वर्मा व मनोहर अंब सहित बड़ी संख्या में मोर्चा-संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। (जिला कांग्रेस कमेटी नीमच) |