रतलाम / शिवगढ़। ग्राम पंचायत बावड़ी, तहसील सैलाना, जिला रतलाम के अंतर्गत आने वाले ग्राम बावड़ी एवं नाल में वन विभाग की भूमि से जुड़े मामले को लेकर बुधवार को आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। ग्राम सभा में वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने कथित रूप से हार्टफुलनेस संस्था/हार्टफुलनेस ट्रस्ट को वन भूमि लीज पर दिए जाने के मामले को उठाते हुए आवंटन एवं पूर्व में किए गए MOU को निरस्त करने की मांग की।
ग्राम सभा में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा उपस्थित रहे। उनके पहुंचने पर ग्रामीणों ने जोरदार स्वागत किया। ग्राम सभा में BAP ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र पारगी, सरपंच प्रतिनिधि दिलीप पारगी, मंत्री सोहनलाल अमलियार, नाल के पटेल लाल सिंह भूरिया, कैलाश डामर, मुकेश डामर, राजू मईडा, पप्पू भाभर सहित दोनों गांवों के करीब 500 से 600 ग्रामीण मौजूद रहे। बड़ी संख्या में आदिवासी परिवारों की माताएं-बहनें भी ग्राम सभा में शामिल हुईं।
ग्रामीणों ने कहा—जल, जंगल और जमीन पर ग्राम सभा की सहमति जरूरी
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि वन विभाग से संबंधित भूमि को हार्टफुलनेस संस्था को लीज पर दिए जाने की प्रक्रिया की गई है। ग्रामीणों ने इस पर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में स्थानीय ग्राम समुदाय की सहमति और अधिकारों का सम्मान होना चाहिए।
ग्रामीणों की ओर से उक्त भूमि के आवंटन/MOU को निरस्त कराने के लिए आवेदन एवं ग्राम सभा का प्रस्ताव वन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि वन भूमि से जुड़े किसी भी निर्णय में ग्राम सभा की भूमिका और स्थानीय समुदाय के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए।
वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा
मामले की जानकारी सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। मौके पर श्री विष्णु पाटीदार, रेंजर एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी, श्री रघुवीर सिंह चुंडावत, वन परिक्षेत्र सहायक शिवगढ़ तथा श्री देवेन्द्र सिंह देवड़ा, बीट प्रभारी बासिंद्रा उत्तर सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत स्तर से पूर्व में किए गए MOU/आवंटन को निरस्त करने के लिए रेंजर को आवेदन सौंपा गया है। पंचायत के आवेदन के आधार पर अब आवंटन निरस्तीकरण की अग्रिम कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग द्वारा मामले की जांच और नियमानुसार आगे की प्रक्रिया की जा रही है।
निरस्तीकरण के लिए दिया आवेदन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत द्वारा पूर्व में किए गए MOU/आवंटन को निरस्त करने के लिए रेंजर को आवेदन सौंप दिया गया है। पंचायत के आवेदन के आधार पर रेंजर द्वारा आवंटन निरस्त करने की अग्रिम कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
केशू निनामा बोले—बिना पैसे, शराब और चाय के जनता ने जिताया, कभी धोखा नहीं दूंगा
ग्राम सभा में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशू निनामा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जनता ने बिना पैसे, बिना शराब और बिना चाय के अपना प्रतिनिधि चुनकर भेजा है। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र की जनता के साथ सदैव खड़े रहेंगे और कभी धोखा नहीं देंगे।
निनामा ने कहा कि वे स्वतंत्र नेतृत्व में विश्वास रखते हैं और किसी के गुलाम नहीं हैं। क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर वे ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों के सामने मजबूती से बात रखेंगे तथा जिला पंचायत के सदन में भी ग्रामीणों की आवाज उठाएंगे।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अधिकारों के लिए संघर्ष करना जरूरी है और संघर्ष ही जीवन है के संकल्प के साथ वे जनता के साथ खड़े रहेंगे।
ग्रामीणों ने लिया प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा का संकल्प
ग्राम सभा के अंत में ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन से जुड़े अपने अधिकारों तथा प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए जागरूक एवं संगठित रहने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े किसी भी निर्णय में स्थानीय समुदाय की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
ग्राम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी और वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति के बाद बावड़ी-नाल का वन भूमि मामला अब प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बन गया है। अब ग्रामीणों की आपत्ति और ग्राम सभा के प्रस्ताव पर वन विभाग एवं संबंधित प्रशासनिक स्तर से होने वाली आगामी कार्रवाई पर क्षेत्र की नजर बनी हुई है।
जल, जंगल और जमीन हमारा अधिकार है के नारों और संकल्प के साथ ग्राम सभा संपन्न हुई।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत