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आगर-मालवा - भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान (IISR), इन्दौर के वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिले के विकासखंड आगर के सोनचिड़ी, आखाखेड़ी, परसुखेड़ी एवं पालड़ा ग्रामों का भ्रमण कर सोयाबीन फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान संस्थान द्वारा लगाए गए प्रदर्शन प्लॉटों में विकसित नवीन उन्नत किस्मों NRC-150 एवं JS-2172की प्रगति का मूल्यांकन किया गया तथा कृषकों से संवाद कर उत्पादन एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता के संबंध में जानकारी ली गई। वैज्ञानिकों ने किसानों को वर्तमान मौसम में सोयाबीन में लगने वाले प्रमुख कीटों एवं रोगों की पहचान, समय पर निगरानी एवं समेकित कीट-रोग प्रबंधन (IPM) की जानकारी दी। उन्होंने अनुशंसित कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों के संतुलित उपयोग तथा फसल की नियमित निगरानी कर प्रारंभिक अवस्था में ही नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी, ताकि उत्पादन एवं गुणवत्ता में वृद्धि हो सके। निरीक्षण दल में IISR इन्दौर के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. बी.यू. दुपारे, उप संचालक कृषि श्री गोपेश पाठक सहित अन्य कृषि अधिकारी एव कृषक उपस्थित थे। श्री पाठक ने किसानों से अपील की कि फसल में किसी भी प्रकार की कीट, रोग या तकनीकी समस्या होने पर तत्काल क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी अथवा कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क कर वैज्ञानिक परामर्श लें। यह जानकारी उपसंचालक कृषि कार्यालय आगर से प्राप्त हुई है। |