रतलाम/ सैलना : वाग्धारा संस्था के मार्गदर्शन में सैलाना ब्लॉक के ग्राम जांबूकुड़ी में खरीफ बीज उत्सव 2026 ने पूरा इलाका जोश और उत्साह से भर दिया। थीम "बीज बचाओ पर्यावरण बचाओ" के साथ आयोजित यह कार्यक्रम परंपरागत देशी बीजों के संरक्षण जैव विविधता संवर्धन और किसानों को बीज स्वराज दिलाने का एक जबरदस्त मंच बना।
कार्यक्रम की शुरुआत ही धमाकेदार रही — जागरूकता रैली ने पूरे गांव को गूंजा दिया। परंपरागत ढोल-कुंडी की थाप के साथ निकली रैली में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। रैली के दौरान नारे गूंजे — बीज बचाओ पर्यावरण बचाओ समुदाय को स्वराजी बनाओ!
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ:
बीज उपचार एवं मिट्टी परीक्षण का लाइव डेमोंस्ट्रेशन
बीज आदान-प्रदान का भव्य आयोजन
सीड बॉल्स निर्माण कार्यशाला
देशी बीजों की आकर्षक प्रदर्शनी
अनुभवी किसानों के साथ बीज संवाद सभा
ब्लॉक सहजकर्ता पिंकी टेलर ने कहा देशी बीज हमारी सांस्कृतिक धरोहर और पहचान हैं। इनका संरक्षण सिर्फ खेती नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पौष्टिक और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य की गारंटी है। किसान भाइयों अब बाजार पर निर्भरता छोड़ो अपने बीजों को सहेजो और समुदाय स्तर पर आदान-प्रदान को मजबूत करो!
युवा उद्यम समन्वयक महेंद्र कुमावत ने युवाओं को सीधा संदेश दिया
हर साल महंगे बाजारी बीज खरीदकर किसान कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं। देशी और जलवायु-सहनशील बीज न सिर्फ आत्मनिर्भरता देते हैं बल्कि खेती की लागत भी आधा कर देते हैं। युवा साथियों आगे आओ और बीज संरक्षण की इस क्रांति का हिस्सा बनो!
कास कॉर्डिनेटर मोहन भूरिया ने परंपरागत बीज संरक्षण की विधियों पर विस्तार से संवाद किया। बीज संवाद सभा में गांव के वरिष्ठ किसानों ने अपने अनमोल अनुभव साझा किए। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और स्थानीय समाधानों पर गहन चर्चा हुई। अंत में सभी किसानों ने देशी बीजों के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक संकल्प लिया।
ग्राम स्वराज समूह सक्षम समूह बाल स्वराज समूह सहित सैकड़ों ग्रामीणों महिलाओं और युवाओं ने कार्यक्रम में खुलकर भागीदारी की। सामुदायिक सहजकर्ता राकेश पारगी मनोज डामर दिव्या शर्मा अमृत राम परिहार कांतिलाल गहलोत समेत समस्त ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन एक प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ: बीजों की विविधता ही खाद्य सुरक्षा पर्यावरण संरक्षण और किसान आत्मनिर्भरता की असली आधारशिला है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत