रतलाम / सैलाना /बाजना
जिले के बाजना थाना क्षेत्र में हुई डकैती और हत्या की दो बड़ी वारदातों का पुलिस ने सिर्फ 72 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों में हड़कंप मच गया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी एक बार फिर भरोसा मजबूत हुआ है।
मामले की शुरुआत 13 अप्रैल को हुई, जब बांसवाड़ा (राजस्थान) निवासी कादर खां पिता मीर मोहम्मद मकरानी (60 वर्ष) अपनी पुत्री के साथ जावरा से शादी समारोह से लौट रहे थे। जैसे ही वे रतनगढ़पीठ माही नदी पुल पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बदमाशों ने चाकू की नोंक पर उन्हें रोक लिया और करीब 20 हजार रुपए नकद, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, जनआधार, सोने-चांदी के आभूषण (एयररिंग, मंगलसूत्र) सहित बैग और अन्य सामान लूटकर फरार हो गए।
इस घटना के अगले ही दिन 14 अप्रैल को बाजना थाना क्षेत्र के देवीपाड़ा में शादी समारोह के दौरान मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। चम्पा बाई पति सुनील झोड़िया (30 वर्ष) की रिपोर्ट पर सामने आया कि डीजे पर नाचने की बात को लेकर हुए विवाद में निलेश झोड़िया और उसके साथियों ने मिलकर सुनील झोड़िया पर चाकू और पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दोनों गंभीर मामलों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी सैलाना नीलम बघेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सक्रिय मुखबिर तंत्र और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निलेश पिता नारू झोड़िया (चिकनी), शंभु पिता कालू भाभर (रतनगढ़पीठ), सुभाष पिता लक्ष्मण सिगाड़ (पिपलीपाड़ा) और तोलु पिता राजू खड़िया (मलवासी) को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों ने दोनों वारदातों को अंजाम देना कबूल कर लिया है। वहीं, इस घटनाक्रम में शामिल अश्विन कटारा निवासी केलदा (थाना शिवगढ़), हाल बिबड़ोद अभी फरार है, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिल, पर्स और कपड़े जब्त किए हैं, जबकि शेष लूटे गए माल की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बाजना निरीक्षक मनीष डावर, रावटी थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेन्द्र गडरिया, सरवन थाना प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सेमलिया, उपनिरीक्षक रामसिंह खपेड़, सहायक उपनिरीक्षक योगेश निनामा, कालू सिंह जामोद, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक कमलेश हारी, शंकर राव शिंदे, सन्नी मईडा, प्रेमसिंह, नरवर मईडा एवं सायबर सेल टीम की विशेष भूमिका रही।
पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि रतलाम में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वारदात कितनी भी बड़ी क्यों न हो।