रतलाम / नामली
नामली थाना परिसर में पुलिस कस्टडी के दौरान हुई संदिग्ध मौत के मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है। हवालात में फांसी लगाकर जान देने वाले आरोपी की पहचान सुरेश पंचाल के रूप में हुई है, जो ग्राम अंगेठी बड़ोदा स्थित देवनारायण मंदिर का पुजारी था। इस खुलासे के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील और चर्चित हो गया है।
हवालात में फांसी से मौत, CCTV में कैद आखिरी पल
पुलिस के अनुसार, सुरेश पंचाल को उसकी ही 16 वर्षीय बेटी द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोप में बुधवार रात करीब 9:40 बजे गिरफ्तार कर हवालात में बंद किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज में वह रात 2:30 बजे तक सामान्य हालत में बैठा दिखाई दिया, लेकिन सुबह करीब 4 बजे वह पानी के पाइप से लोअर के नाड़े के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला।
यह पूरी घटना थाने के अंदर ही होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मौके पर अफसरों का जमावड़ा, न्यायिक जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओपी किशोर पाटनवाला, डीएसपी अजय सारवान, ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर और एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल मौके पर पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
परिजनों का बड़ा आरोप: “साजिश कर फंसाया गया
घटना के बाद मृतक के परिजन थाने पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक के भाई सरपंच जितेश पंचाल का कहना है कि—
मेरे भाई पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। उसकी पत्नी और बेटी ने साजिश रचकर उसे फंसाया है।
परिजनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई हो।
दोहरे सवालों में घिरी पुलिस
इस घटना ने दो बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—
कस्टडी में सुरक्षा के बावजूद आरोपी ने आत्महत्या कैसे की?
क्या दुष्कर्म का मामला सच था या सच में कोई साजिश?
पीएम के बाद हुआ अंतिम संस्कार अब रिपोर्ट और जांच पर टिकी नजर
पोस्टमार्टम के बाद मृतक सुरेश पंचाल का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
शव को ग्राम अंगेठी बड़ोदा लाया गया, जहां अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है।
क्राइम रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत