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  • धर्म : 600 साल पुराने श्री लालमाता मंदिर से जुड़ी हैं, जनआस्‍था और विश्‍वास की अनेकों कहानियाँ....तनोड़िया के पास है मंदिर, नवरात्रि में भक्तों का लगता है तांता... !

    SSE NEWS NETWORK   - आगर मालवा
    धर्म
    धर्म   - आगर मालवा[14-10-2026]
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  • नवरात्रि पर विशेष  


    आगर-मालवा जिले के तनोडि़या में प्रसिद्ध लालबाई माता का मंदिर गांव के पश्चिमी छोर पर पिपलोनकलां रोड पर स्थित है। नवरात्रि में यहां प्रतिदिन सैकड़ों दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है। बताया जाता है कि माताजी की प्रतिमा 600 साल से अधिक पुरानी है। माताजी वर्तमान मंदिर के पीछे स्थित एक वृक्ष से प्रकट हुई थी। नगर में नौ देवियों का वास है लाल माता फूलबई, करणी माता, वाक वेराई माता, हरसिद्धि माता, खोडियाल मां, चामुंडा मां, खोखा माता, शीतला माता आदि माता मंदिर है। क्षैत्र में लाल माता के बारे में कई कथाएं प्रचलित हैं।
    जनश्रुति है कि अंग्रेज शासन काल में जब आगर में सैनिक छावनी थी तब एक घटना के अनुसार अंग्रेज कैप्टन घूमता हुआ माताजी के मंदिर पहुंचा। उस समय मंदिर में देवी की जत्रा चल रही थी। उस अंग्रेज ने लोगों से पूछा यह क्या हो रहा है तो लोगों ने बताया यह देवी मां है। सर्वज्ञ है, सब बता सकती हैं। अंग्रेज कैप्टन ने पूछा घोड़ी के पेट में क्या है? तब मां ने बताया घोड़ी के पेट में जो बच्चा है उसके चारों पैर सफेद हैं और माथे पर पान की आकृति बनी हुई है। स्‍थानीय  श्रृद्धालुओं ने बताया कि अंग्रेज ने तुरंत रिवाल्वर निकाली और घोड़ी को गोली मार दी और एक व्यक्ति को बुलाकर घोड़ी का पेट चिरवाया, तो यह देखकर वह हैरान रह गया कि सचमुच घोड़ी के बच्चे के पैर मां के बताए अनुसर ही थे। कैप्टन मां को नमन कर चला गया। इसके बाद जब भी अंग्रेजी सैनिक टुकड़ियां तनोड़िया से निकलती तो मां को नमन अवश्य करती थी। इसके अलावा भी माताजी के मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलित हैं।
    बालक-बालिकाओं को माता (चेचक) निकलने पर दूरदराज के श्रद्धालु आकर माथा टेकते हैं तथा इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को माता का नाम लेने मात्र से ही राहत मिल जाती है। मंदिर से रोज कई लोग पवित्र जल  (नीर)  एवं विभूति लेकर जाते हैं और पीड़ितों को खिलाते है। जिससे पीड़ित व्यक्ति शीघ्र ही स्‍वस्‍थ्‍य हो जाता है। निसंतान दंपती भी यहां संतान प्राप्ति के लिए मन्‍नत मांगते हैं, जो माता की कृपा से पूरी भी होना बताया जा रहा है। 
    जनश्रुति यह भी है कि लालमाता के मंदिर से नवरात्रि में दिव्य ज्योति जलती हुई प्रतीत होती थी, जो यहां से तनोडि़या के आसपास के देवी मंदिरों से होती हुई पुनः लाल माता के मंदिर में आकर विलोपित हो जाती थी। बुजुर्गों के अनुसार 40 के दशक में माता की सेवा करने वाले पुजारी स्व. बृजलाल चौधरी बताया करते थे कि रियासतकाल में तत्कालीन जागीरदार परिवार के प्रमुख की लश्कर ग्वालियर की कचहरी में जमीन संबंधी पेशी थी। वह समय नवरात्रि का था। नवरात्रि के दिनों में जागीरदार परिवार की ठकुराइन ने मां से प्रार्थना कर कहा कि आपकी पूजा करने वाला तो पेशी पर सैकड़ों मील दूर बैठा है, अब में कैसे आपकी पूजा पूर्ण करूं। बताया जाता है कि ठकुराईन की इस करुण पुँकार पर लाल माता ने लश्कर में मामले की सुनवाई करने वाले जज को सोते से जगाया और कहा कि तेरी कचहरी में तनोड़िया के जागीरदार की पेशी है उसे छोड़ देना। मना करने पर मां ने शेर पर सवार त्रिशूलधारी रूप दिखाया। दूसरे दिन जज ने जागीरदार को कचहरी में बुलाकर मां के रूप का वर्णन करते हुए कहा तनोड़िया गांव में लालमाताजी का मंदिर है, उन्होंने मुझे तुम्हे छोड़ देने का आदेश दिया है। तब जागीरदार ने वहां से तनोडि़या आकर मां की पूजा-अर्चना कर मॉं को नमन किया।
    चेचक रोग से बचाव के लिए पवित्र जल ( नीर) ले जाते हैं श्रद्धालु
     श्री लाल माता मंदिर से थोड़ा आगे थड़ौदा गांव के निकट फूलबाई माता का मंदिर स्थित है। इसके बारे में कहा जाता है कि श्री लालबाई, श्री फूलबाई दोनों बहनें हैं। एक अन्य किस्से के अनुसार 1945 व 1946 में बारिश में बीमारियों का प्रकोप हुआ था, लेकिन लाल माता की कृपा से तनोड़िया क्षेत्र में एक भी व्यक्ति बीमारी से ग्रस्त नहीं हुआ। जबकि आसपास के इलाकों में जानलेवा बीमारियों से सैकड़ों मौत हुई थी। आज भी सभी धर्म समुदाय के लोग बच्चों में माता चेचक रोग निकलने पर मंदिर से नीर ले जाते हैं जिसे फिलाने से राहत मिलती है। 
    जैसा की मंदिर के पुजारी श्री मदन चौधरी ने बताया। 

    ✍.... जगदीश चंद्र मालवीय, 
    आगर मालवा







  • धर्म : 600 साल पुराने श्री लालमाता मंदिर से जुड़ी हैं, जनआस्‍था और विश्‍वास की अनेकों कहानियाँ....तनोड़िया के पास है मंदिर, नवरात्रि में भक्तों का लगता है तांता... !

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    नवरात्रि पर विशेष  


    आगर-मालवा जिले के तनोडि़या में प्रसिद्ध लालबाई माता का मंदिर गांव के पश्चिमी छोर पर पिपलोनकलां रोड पर स्थित है। नवरात्रि में यहां प्रतिदिन सैकड़ों दर्शनार्थियों का तांता लगा रहता है। बताया जाता है कि माताजी की प्रतिमा 600 साल से अधिक पुरानी है। माताजी वर्तमान मंदिर के पीछे स्थित एक वृक्ष से प्रकट हुई थी। नगर में नौ देवियों का वास है लाल माता फूलबई, करणी माता, वाक वेराई माता, हरसिद्धि माता, खोडियाल मां, चामुंडा मां, खोखा माता, शीतला माता आदि माता मंदिर है। क्षैत्र में लाल माता के बारे में कई कथाएं प्रचलित हैं।
    जनश्रुति है कि अंग्रेज शासन काल में जब आगर में सैनिक छावनी थी तब एक घटना के अनुसार अंग्रेज कैप्टन घूमता हुआ माताजी के मंदिर पहुंचा। उस समय मंदिर में देवी की जत्रा चल रही थी। उस अंग्रेज ने लोगों से पूछा यह क्या हो रहा है तो लोगों ने बताया यह देवी मां है। सर्वज्ञ है, सब बता सकती हैं। अंग्रेज कैप्टन ने पूछा घोड़ी के पेट में क्या है? तब मां ने बताया घोड़ी के पेट में जो बच्चा है उसके चारों पैर सफेद हैं और माथे पर पान की आकृति बनी हुई है। स्‍थानीय  श्रृद्धालुओं ने बताया कि अंग्रेज ने तुरंत रिवाल्वर निकाली और घोड़ी को गोली मार दी और एक व्यक्ति को बुलाकर घोड़ी का पेट चिरवाया, तो यह देखकर वह हैरान रह गया कि सचमुच घोड़ी के बच्चे के पैर मां के बताए अनुसर ही थे। कैप्टन मां को नमन कर चला गया। इसके बाद जब भी अंग्रेजी सैनिक टुकड़ियां तनोड़िया से निकलती तो मां को नमन अवश्य करती थी। इसके अलावा भी माताजी के मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलित हैं।
    बालक-बालिकाओं को माता (चेचक) निकलने पर दूरदराज के श्रद्धालु आकर माथा टेकते हैं तथा इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को माता का नाम लेने मात्र से ही राहत मिल जाती है। मंदिर से रोज कई लोग पवित्र जल  (नीर)  एवं विभूति लेकर जाते हैं और पीड़ितों को खिलाते है। जिससे पीड़ित व्यक्ति शीघ्र ही स्‍वस्‍थ्‍य हो जाता है। निसंतान दंपती भी यहां संतान प्राप्ति के लिए मन्‍नत मांगते हैं, जो माता की कृपा से पूरी भी होना बताया जा रहा है। 
    जनश्रुति यह भी है कि लालमाता के मंदिर से नवरात्रि में दिव्य ज्योति जलती हुई प्रतीत होती थी, जो यहां से तनोडि़या के आसपास के देवी मंदिरों से होती हुई पुनः लाल माता के मंदिर में आकर विलोपित हो जाती थी। बुजुर्गों के अनुसार 40 के दशक में माता की सेवा करने वाले पुजारी स्व. बृजलाल चौधरी बताया करते थे कि रियासतकाल में तत्कालीन जागीरदार परिवार के प्रमुख की लश्कर ग्वालियर की कचहरी में जमीन संबंधी पेशी थी। वह समय नवरात्रि का था। नवरात्रि के दिनों में जागीरदार परिवार की ठकुराइन ने मां से प्रार्थना कर कहा कि आपकी पूजा करने वाला तो पेशी पर सैकड़ों मील दूर बैठा है, अब में कैसे आपकी पूजा पूर्ण करूं। बताया जाता है कि ठकुराईन की इस करुण पुँकार पर लाल माता ने लश्कर में मामले की सुनवाई करने वाले जज को सोते से जगाया और कहा कि तेरी कचहरी में तनोड़िया के जागीरदार की पेशी है उसे छोड़ देना। मना करने पर मां ने शेर पर सवार त्रिशूलधारी रूप दिखाया। दूसरे दिन जज ने जागीरदार को कचहरी में बुलाकर मां के रूप का वर्णन करते हुए कहा तनोड़िया गांव में लालमाताजी का मंदिर है, उन्होंने मुझे तुम्हे छोड़ देने का आदेश दिया है। तब जागीरदार ने वहां से तनोडि़या आकर मां की पूजा-अर्चना कर मॉं को नमन किया।
    चेचक रोग से बचाव के लिए पवित्र जल ( नीर) ले जाते हैं श्रद्धालु
     श्री लाल माता मंदिर से थोड़ा आगे थड़ौदा गांव के निकट फूलबाई माता का मंदिर स्थित है। इसके बारे में कहा जाता है कि श्री लालबाई, श्री फूलबाई दोनों बहनें हैं। एक अन्य किस्से के अनुसार 1945 व 1946 में बारिश में बीमारियों का प्रकोप हुआ था, लेकिन लाल माता की कृपा से तनोड़िया क्षेत्र में एक भी व्यक्ति बीमारी से ग्रस्त नहीं हुआ। जबकि आसपास के इलाकों में जानलेवा बीमारियों से सैकड़ों मौत हुई थी। आज भी सभी धर्म समुदाय के लोग बच्चों में माता चेचक रोग निकलने पर मंदिर से नीर ले जाते हैं जिसे फिलाने से राहत मिलती है। 
    जैसा की मंदिर के पुजारी श्री मदन चौधरी ने बताया। 

    ✍.... जगदीश चंद्र मालवीय, 
    आगर मालवा





  • धर्म: बीजा नगरी में प्राचीनकाल से प्रज्वलित है आस्था की अखंड ज्योत - श्री हरसिद्धि माता मंदिर

    धर्म:
    धर्म   - आगर मालवा[13-10-2026]
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  • धर्म: बीजा नगरी में प्राचीनकाल से प्रज्वलित है आस्था की अखंड ज्योत - श्री हरसिद्धि माता मंदिर

    बीजा नगरी में प्राचीनकाल से प्रज्वलित है आस्था की अखंड ज्योत - श्री हरसिद्धि माता मंदिर
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  • धर्म: आगर-मालवा की आस्था का केंद्र है, माँ तुलजा भवानी मंदिर गुफा बर्डा ...आगर मालवा की पहाड़ियों में छुपा आस्था का चमत्कार....दिन में तीन रूप बदलने वाली माँ तुलजा भवानी.....उज्जैन तक जाती रहस्यमयी गुफा की गाथा

    धर्म:
    धर्म   - आगर मालवा[12-10-2026]
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  • धर्म: आगर-मालवा की आस्था का केंद्र है, माँ तुलजा भवानी मंदिर गुफा बर्डा ...आगर मालवा की पहाड़ियों में छुपा आस्था का चमत्कार....दिन में तीन रूप बदलने वाली माँ तुलजा भवानी.....उज्जैन तक जाती रहस्यमयी गुफा की गाथा

    आगर-मालवा की आस्था का केंद्र है, माँ तुलजा भवानी मंदिर गुफा बर्डा ...आगर मालवा की पहाड़ियों में छुपा आस्था का चमत्कार....दिन में तीन रूप बदलने वाली माँ तुलजा भवानी.....उज्जैन तक जाती रहस्यमयी गुफा की गाथा
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  • शारदीय नवरात्रि विशेष : माँ पीताम्बरा की सिद्धस्थली: विश्वविख्यात माँ बगलामुखी धाम, नलखेड़ा

    शारदीय नवरात्रि विशेष :
    धर्म   - आगर मालवा[09-10-2026]
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  • शारदीय नवरात्रि विशेष : माँ पीताम्बरा की सिद्धस्थली: विश्वविख्यात माँ बगलामुखी धाम, नलखेड़ा

       माँ पीताम्बरा की सिद्धस्थली: विश्वविख्यात माँ बगलामुखी धाम, नलखेड़ा
    धर्म   - आगर मालवा[09-10-2026]
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  • धर्म: व्हीलचेयर पर आते हैं लकवा पीड़ित, मां भादवा की कृपा से पैदल लौटने की आस्था.....धर्म, आस्था और विश्वास की त्रिवेणी है महामाया मां भादवा माता धाम

    धर्म:
    धर्म   - नीमच[08-10-2026]
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  • धर्म: व्हीलचेयर पर आते हैं लकवा पीड़ित, मां भादवा की कृपा से पैदल लौटने की आस्था.....धर्म, आस्था और विश्वास की त्रिवेणी है महामाया मां भादवा माता धाम

    व्हीलचेयर पर आते हैं लकवा पीड़ित, मां भादवा की कृपा से पैदल लौटने की आस्था.....धर्म, आस्था और विश्वास की त्रिवेणी है महामाया मां भादवा माता धाम
    धर्म   - नीमच[08-10-2026]
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  • आगर : चमत्कारों की नगरी - जहाँ स्वयं बाबा बैजनाथ ने लड़ा भक्त का मुकदमा.......बाबा बैजनाथ धाम की पावन धरा पर घटित अलौकिक घटना आज भी है आस्था का जीवंत प्रमाण

    आगर :
    धर्म   - आगर मालवा[04-10-2026]
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  • आगर : चमत्कारों की नगरी - जहाँ स्वयं बाबा बैजनाथ ने लड़ा भक्त का मुकदमा.......बाबा बैजनाथ धाम की पावन धरा पर घटित अलौकिक घटना आज भी है आस्था का जीवंत प्रमाण

     चमत्कारों की नगरी - जहाँ स्वयं बाबा बैजनाथ ने लड़ा भक्त का मुकदमा.......बाबा बैजनाथ धाम की पावन धरा पर घटित अलौकिक घटना आज भी है आस्था का जीवंत प्रमाण
    धर्म   - आगर मालवा[04-10-2026]
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  • धर्म: 10 दिनों बाद गौरी पुत्र गणेश कुछ स्थानों से आज लोटें तो कुछ स्थानों से कल शनिवार को लोटेंगे अपने धाम

    धर्म:
    धर्म   - नीमच[25-09-2026]
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  • धर्म: 10 दिनों बाद गौरी पुत्र गणेश कुछ स्थानों से आज लोटें तो कुछ स्थानों से कल शनिवार को लोटेंगे अपने धाम

    10 दिनों बाद गौरी पुत्र गणेश कुछ स्थानों से आज लोटें तो कुछ स्थानों से कल शनिवार को लोटेंगे अपने धाम
    धर्म   - नीमच[25-09-2026]
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  • धर्म: लोकदेवता भगवान वीर तेजाजी के जन्मोत्सव पर भड़क सनावदा गांव में उमड़ी भक्ति.....सुख समृद्धि की प्रार्थना की

    धर्म:
    धर्म   - नीमच[20-09-2026]
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  • धर्म: लोकदेवता भगवान वीर तेजाजी के जन्मोत्सव पर भड़क सनावदा गांव में उमड़ी भक्ति.....सुख समृद्धि की प्रार्थना की

    लोकदेवता भगवान वीर तेजाजी के जन्मोत्सव पर भड़क सनावदा गांव में उमड़ी भक्ति.....सुख समृद्धि की प्रार्थना की
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  • धर्म: हरवार में गूंजा जय श्री देवनारायण का जयघोष

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    धर्म   - नीमच[17-09-2026]
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  • धर्म: हरवार में गूंजा जय श्री देवनारायण का जयघोष

    हरवार में गूंजा जय श्री देवनारायण का जयघोष
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  • धर्म: हरतालिका तीज पर चीताखेड़ा में उमड़ा आस्था का सैलाब, पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की मांगी मन्नत

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    धर्म   - नीमच[15-09-2026]
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  • धर्म: हरतालिका तीज पर चीताखेड़ा में उमड़ा आस्था का सैलाब, पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की मांगी मन्नत

    हरतालिका तीज पर चीताखेड़ा में उमड़ा आस्था का सैलाब, पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की मांगी मन्नत
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  • धर्म: जन्मोत्सव......त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की, जयकारों से गूंजी चीताखेड़ा की गलियां, बैण्ड बाजों से निकाला प्रभु का वरघोड़ा

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    धर्म   - नीमच[12-09-2026]
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  • धर्म: जन्मोत्सव......त्रिशला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की, जयकारों से गूंजी चीताखेड़ा की गलियां, बैण्ड बाजों से निकाला प्रभु का वरघोड़ा

    जन्मोत्सव......त्रिशला नंदन  वीर की जय बोलो महावीर की, जयकारों से गूंजी चीताखेड़ा की गलियां, बैण्ड बाजों से निकाला प्रभु का वरघोड़ा
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  • धर्म: पर्युषण महापर्व पर चीताखेड़ा में गूंज रहा अहिंसा परमो धर्म का जयघोष

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    धर्म   - नीमच[11-09-2026]
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  • धर्म: पर्युषण महापर्व पर चीताखेड़ा में गूंज रहा अहिंसा परमो धर्म का जयघोष

    पर्युषण महापर्व पर चीताखेड़ा में गूंज रहा अहिंसा परमो धर्म का जयघोष
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  • धर्म: क्रेनें लगीं, इंजीनियर जुटे… फिर भी नहीं हिले 170 साल पुराने खड़े हनुमान!

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    धर्म   - उज्जैन[09-09-2026]
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    क्रेनें लगीं, इंजीनियर जुटे… फिर भी नहीं हिले 170 साल पुराने खड़े हनुमान!
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  • धर्म: बाबा रामदेव मंदिर का 2 दिवसीय भादवी बीज का भव्य मेला शनिवार से, दुकानदारों को दुकान हेतु प्लाट वितरण कल होंगे

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    बाबा रामदेव मंदिर का 2 दिवसीय भादवी बीज का भव्य मेला शनिवार से, दुकानदारों को दुकान हेतु प्लाट वितरण कल होंगे
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  • धर्म: राधा-रुक्मणी विवाह के साथ श्रीमद् भागवत गीता कथा का षष्टम दिवस सम्पन्न, पंडाल में उमड़ा जनसैलाब

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    धर्म   - नीमच[06-09-2026]
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    राधा-रुक्मणी विवाह के साथ श्रीमद् भागवत गीता कथा का षष्टम दिवस सम्पन्न, पंडाल में उमड़ा जनसैलाब
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  • धर्म: कान्हा के रंग में रंगा आंगनवाड़ी परिसर, गूंजे जय श्री कृष्ण के जयकारे

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