उज्जैन
उज्जैन शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नगर निगम ने रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित होटलों में विशेष फायर सेफ्टी जांच अभियान चलाया। निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम के फायर ऑफिसर लक्ष्मण प्रसाद साहू ने विभिन्न होटलों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र, वार्षिक अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की सघन जांच की। इस दौरान होटल संचालकों को फायर सेफ्टी नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान होटल संचालकों को बताया गया कि फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र के साथ प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 30 जून तक अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र की वैधता तीन वर्ष की होती है और इसकी अवधि समाप्त होने से दो माह पूर्व नवीनीकरण के लिए आवेदन करना आवश्यक है।
जांच अभियान के दौरान होटल गुजरात पैलेस, होटल विराज, होटल कलश, होटल शिव महिमा, होटल आमंत्रण, होटल ड्रीम पैलेस, होटल आमंत्रण एवेन्यू, होटल रॉयल व्यू, होटल एटलस सहित अन्य प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी, भवन अनुज्ञा एवं विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्रों का परीक्षण किया गया।
फायर ऑफिसर लक्ष्मण प्रसाद साहू ने बताया कि 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले भवनों, एक तल पर 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले परिसरों, बड़े होटल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल, मैरिज गार्डन तथा अन्य मिश्रित अधिभोग वाले भवनों में अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं 50 से कम बिस्तरों वाले होटल एवं अस्पतालों के लिए पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाणीकरण प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता एवं उनकी कार्यशीलता, फायर अलार्म एवं स्मोक डिटेक्टर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट एवं स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, इमरजेंसी लाइटिंग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन योजना, मॉक ड्रिल तथा फायर एनओसी से संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान जोन क्रमांक-3 के सहायक आयुक्त प्रवीण मुकाती भी मौजूद रहे।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत