रतलाम / सैलाना
सैलाना थाना पुलिस ने एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। महज चार दिनों के भीतर शहर की चर्चित शत्रुंजय ज्वेलर्स चोरी का खुलासा कर पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड के दौरान जब आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई तो सैलाना की चर्चित कीर्ति विहार कॉलोनी चोरी की परतें भी खुल गईं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में जमीन में गाड़कर छिपाए गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 की रात फरियादी प्रेम जैन अपनी प्रतिष्ठित दुकान शत्रुंजय ज्वेलर्स, बड़ा जैन मंदिर के पास चंद्रशेखर मार्ग सैलाना, बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन 21 मई की सुबह करीब 6 बजे जैन मंदिर के पुजारी का फोन आया कि दुकान का शटर खुला पड़ा है। मौके पर पहुंचते ही प्रेम जैन के होश उड़ गए। बदमाश दुकान का ताला ग्राइंडर मशीन से काटकर करीब 4.5 किलो चांदी के आभूषण और 15 ग्राम सोने के फैंसी जेवर चोरी कर ले गए थे। चोरी गए माल की कीमत करीब 9 लाख रुपये आंकी गई।
मामले में थाना सैलाना पर अपराध क्रमांक 171/2026 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने तत्काल विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार तथा एसडीओपी सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश के नेतृत्व में थाना सैलाना, थाना रावटी प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्रसिंह गड़रिया, थाना बिलपांक प्रभारी निरीक्षक अय्यूब खान, धामनोद चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक आनंद बागवान, सउनि शंकरसिंह शक्तावत, सउनि सीताराम तेनीवार एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस ने ग्राम करिया से दौलतपुरा जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर दो संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम आनंद पुत्र सुंदरलाल गुर्जर (25 वर्ष निवासी झकनावदा, जिला झाबुआ) तथा विकास उर्फ फरीद हुसैन पुत्र मोहम्मद हुसैन (30 वर्ष निवासी झकनावदा, जिला झाबुआ) बताया। दोनों ने शत्रुंजय ज्वेलर्स चोरी की वारदात कबूल कर ली।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नाले किनारे झाड़ियों में गड्ढा खोदकर छिपाया गया पूरा मशरूका, ग्राइंडर मशीन, एक देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस तथा चोरी की बाइक बरामद की।
इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने 18 जनवरी की रात खाटू श्याम मंदिर क्षेत्र स्थित कीर्ति विहार कॉलोनी में शिक्षिका मोहनी गुर्जर के घर हुई चोरी करना भी कबूल किया। फरियादी निलेश गुर्जर, जो मूल रूप से पिपलियामंडी निवासी हैं और आम्बा (भैंसा डाबर) स्थित पवन चक्की पर कार्यरत हैं, घटना के समय ड्यूटी पर थे, जबकि उनकी पत्नी पिंकीबाई सरवन स्थित मायके गई हुई थीं। इसी दौरान बदमाशों ने मकान के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
बदमाश वहां से करीब 400 ग्राम चांदी के गहने, 4 ग्राम सोने की कड़ियां और 30 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए थे। उस समय कॉलोनी और क्षेत्र में इस वारदात को लेकर भारी दहशत फैल गई थी। सीसीटीवी कैमरों में तीन बदमाश कैद भी हुए थे, लेकिन मामले का खुलासा नहीं हो पाया था।
अब पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के जेवरात करिया मार्ग स्थित जंगल में जमीन में गाड़कर छिपाए गए थे। पुलिस ने मौके पर खुदाई करवाकर चांदी का कंदोरा, पायल, सिक्के, सोने की बालियां और दो नथ बरामद कीं।
पूछताछ में आरोपियों ने बिलपांक मंदिर चोरी, पेटलावद और झाबुआ क्षेत्र में नकबजनी, दलौदा (मंदसौर) से पल्सर बाइक चोरी तथा राजस्थान के सांवरिया सेठ मंदिर क्षेत्र से प्लेटिना बाइक चोरी जैसी कई वारदातें कबूल की हैं। सैलना पुलिस नें आरोपियों को जेल भेजा।
इधर क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि जिस तरह 9 लाख की ज्वेलर्स चोरी का खुलासा प्रमुखता से सामने आया, उसी प्रकार कीर्ति विहार कॉलोनी चोरी मामले की जानकारी सार्वजनिक रूप से विस्तार से सामने नहीं आई। जबकि यह घटना भी अपने समय में बेहद सनसनीखेज मानी जा रही थी। क्योंकि मामला सिर्फ चोरी का नहीं बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है और लगातार हो रही चोरियों के खुलासे से लोगों में राहत का माहौल है।
Crime reporter Jitendra Kumawat